‘ब्रांड इंडिया’ की वैश्विक पहचान बनाने के लिए सरकार ने जारी किए विस्तृत दिशानिर्देश

Ads

‘ब्रांड इंडिया’ की वैश्विक पहचान बनाने के लिए सरकार ने जारी किए विस्तृत दिशानिर्देश

  •  
  • Publish Date - July 14, 2026 / 09:47 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 09:47 PM IST

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) सरकार ने ब्रांडिंग, लेबलिंग और निर्यात पैकेजिंग के जरिये भारतीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के मकसद से वैश्विक आउटरीच पहल से संबंधित विस्तृत संचालन एवं प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश मंगलवार को जारी किए।

यह पहल 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत घोषित की गई थी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक सूचना में कहा कि इस पहल का उद्देश्य ‘एकीकृत ब्रांड इंडिया ढांचा’ विकसित कर भारतीय वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए वैश्विक बाजारों का विस्तार और मजबूती देना है, ताकि निर्यात मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति बेहतर हो सके।

इसके मुताबिक, उत्पादों, सेवाओं, निर्यात क्षेत्रों और बाजारों की समय-समय पर पहचान कर उनके लिए ब्रांडिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग और प्रचार अभियान तैयार किए जाएंगे।

डीजीएफटी ने इन दिशानिर्देशों पर हितधारकों से सुझाव मांगे हैं, जिन्हें सूचना जारी होने की तारीख से 30 दिन के भीतर जमा किया जा सकता है।

इस ढांचे के तहत एक ‘एंकर’ ब्रांड विकसित किया जाएगा, जिसमें विश्वास, गुणवत्ता, सांस्कृतिक विरासत, नवाचार, कारीगरी और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे तत्व शामिल होंगे।

सरकार इस पहल के तहत पात्र संगठनों एवं एजेंसियों को वित्तीय सहायता भी देगी, ताकि वे निर्यात ब्रांडिंग और पैकेजिंग रणनीतियों को विकसित करने के साथ लागू कर सकें।

इसमें ब्रांडिंग और प्रचार अभियान तैयार करना, क्षेत्र-विशिष्ट ब्रांड संपत्तियों को विकसित करना, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग एवं डिजाइन अपनाना, और विदेशी भाषाओं में प्रचार शामिल होगा।

इसके अलावा, वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से एक डिजिटल ब्रांड का विकास, विदेशी बाजारों में उत्पाद प्रदर्शन और ब्रांड प्रमोशन कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

इस पहल के तहत केंद्र और राज्य सरकार के विभाग, वाणिज्य विभाग के कार्यालय, विदेश मंत्रालय और विदेशों में भारतीय मिशन जैसी संस्थाएं पात्र होंगी।

सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों द्वारा विकसित अलग-अलग ‘ब्रांड इंडिया’ पहल को एकीकृत कर एक मजबूत और एकरूप वैश्विक पहचान तैयार करना है, जिससे भारतीय ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान मिल सके।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय