मुंबई, 14 जुलाई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक निदेशक मंडल के सामने रखे जाने वाले मामलों में अंतिम संशोधनों की घोषणा की। इसका मकसद बैंकों में कामकाज को आसान बनाना है।
केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि नए नियम इस साल एक अक्टूबर से लागू होंगे।
आरबीआई ने कहा कि नियमों का नया सेट सिद्धांतों पर आधारित है। इसका मकसद बैंक निदेशक मंडल (बोर्ड) को यह स्वतंत्रता देना है कि वे हर बैंक की खास प्राथमिकताओं के आधार पर अपना एजेंडा तय कर सकें।
हालांकि, आरबीआई ने यह भी साफ किया कि जोखिम, नियमों का पालन, वित्तीय प्रदर्शन और ग्राहकों की सुरक्षा जैसे अहम मामलों पर बोर्ड की निगरानी बनी रहेगी।
बदले हुए नियमों के अनुसार, बैंक बोर्ड बैठकों में लिए गए फैसलों को लागू करने का तरीका खुद तय कर सकता है। केंद्रीय बैंक ने कार्रवाई रिपोर्ट व्यवस्था को जारी रखने के सुझाव को स्वीकार नहीं किया।
केंद्रीय बैंक ने संबंधित पक्षों की राय के आधार पर महत्वपूर्ण मामलों को परिभाषित करने की जरूरत को खत्म कर दिया है। यह उम्मीद की जाती है कि बैठक का एजेंडा तय करने के लिए पूरे बोर्ड से सलाह ली जाएगी। हालांकि, यह साफ कर दिया गया है कि इसकी मुख्य जिम्मेदारी चेयरमैन की होगी।
भाषा रमण अजय
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