नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने बृहस्पतिवार को बैंकों से जिम्मेदार बैंकिंग का पालन करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ऋण का प्रवाह न केवल बड़ी कंपनियों बल्कि सूक्ष्म, छोटे एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) और किसानों तक भी हो।
उन्होंने भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और फिक्की द्वारा आयोजित ‘पिकअप फिनटेक कॉन्फ्रेंस’ में कहा कि जमीनी स्तर पर उद्यमिता और आर्थिक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदारी और कुशलता से ऋण तक पहुंच का विस्तार करना महत्वपूर्ण है।
नागराजू ने कहा, ”यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि हमारी वित्तीय प्रणाली लचीली और स्थिर बनी रहे। एक मजबूत वित्तीय प्रणाली अनुकूल समय के दौरान वृद्धि का समर्थन करने में सक्षम होनी चाहिए। साथ ही अनिश्चितता के दौर में झटकों को सहन करने में मददगार होनी चाहिए।”
नागराजू ने कहा कि अगर आर्थिक वृद्धि समावेशी न हो तो वह लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सरकार एक मजबूत और समावेशी वित्तीय क्षेत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार, नियामक ढांचे को मजबूत करने और ऋण अनुशासन बढ़ाने को लेकर किए गए सुधारों ने इस उद्देश्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी न केवल नवाचार को बढ़ावा देने में, बल्कि पर्यवेक्षण, जोखिम प्रबंधन और धोखाधड़ी की रोकथाम में भी प्रमुख भूमिका निभाएगी।
भाषा पाण्डेय रमण
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