नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों के किसानों ने शुक्रवार को दिल्ली में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और घटिया बीजों व पौधों के कारण करेले की फसल में भारी नुकसान होने की शिकायत की। इस पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है।
शिकायत के बाद अधिकारियों को प्रभावित किसानों को मुआवजा सुनिश्चित करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कृषि मंत्रालय ने बयान में बताया कि धार के मनावर थाने में हैदराबाद की कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
किसानों का आरोप है कि उन्होंने नवंबर 2025 में नर्सरी और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और पौधे खरीदे थे, लेकिन फसल अपेक्षित रूप से नहीं बढ़ी। फल सिकुड़ने लगे, पीले पड़ गए या झड़ गए, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ।
प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज की गई है।
कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों की जांच में पाया गया कि किसानों को प्रमाणित बताकर घटिया बीज और पौधे बेचे गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।
चौहान ने कहा कि यह मामला केवल फसल खराब होने का नहीं है, बल्कि किसानों के भरोसे, मेहनत और पूंजी के नुकसान का भी है।
उन्होंने घटिया करेला बीज किस्म ‘रुबासाटा’ पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए और कहा कि किसानों के साथ अन्याय, लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाषा योगेश रमण
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