(मार्टा खोमिन, एडिलेड यूनिवर्सिटी )
एडिलेड, 17 अप्रैल (द कन्वरसेशन) दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी ‘स्पेसएक्स’ ने अमेरिकी नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज में संभावित सार्वजनिक निर्गम से पहले गोपनीय दस्तावेज दाखिल किए हैं।
कंपनी का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) करीब दो लाख करोड़ डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य रखता है। योजना के तहत मस्क कंपनी का केवल एक छोटा हिस्सा सार्वजनिक निवेशकों को बेचेंगे, जिससे लगभग 75 अरब डॉलर जुटाने की कोशिश होगी। यदि यह सफल होता है, तो यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
‘स्पेसएक्स’ की पृष्ठभूमि और कारोबार
निजी अंतरिक्ष कंपनी ‘स्पेसएक्स’ की स्थापना 2002 में एलन मस्क ने की थी। कंपनी ने रॉकेट और प्रक्षेपक वाहनों के पुनः उपयोग की तकनीक विकसित कर अंतरिक्ष प्रक्षेपण की लागत को काफी कम कर दिया, जिससे वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ानें संभव हो सकीं।
कंपनी ने अबतक लगभग 600 सफल रॉकेट ‘लैंडिंग’ का दावा किया है।
अंतरिक्ष अभियानों के बावजूद स्पेसएक्स का 50 से 80 प्रतिशत राजस्व स्टारलिंक से आता है, जो एक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है और यह कंपनी दुनिया भर में एक करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को सेवा दे रही है।
फरवरी 2026 में ‘स्पेसएक्स’ का विलय एआई चैटबॉट “ग्रोक”विकसित करने वाली कंपनी ‘एक्सएआई’ के साथ हुआ। यह अब तक का सबसे बड़ा निजी विलय सौदा माना गया, जिसमें ‘एक्सएआई’ का मूल्यांकन 250 अरब डॉलर और ‘स्पेसएक्स’ का एक लाख करोड़ डॉलर आंका गया। इस विलय के बाद संयुक्त इकाई का मूल्य सवा लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया और आईपीओ के लिए रास्ता तैयार हो सका।
रिपोर्ट के अनुसार, इस आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग अंतरिक्ष में बड़े पैमाने पर डेटा संबंधी उपग्रह प्रक्षेपित करने में किया जा सकता है, जो सौर ऊर्जा से संचालित होंगे और पृथ्वी पर बिजली और पानी की सीमाओं से मुक्त होंगे।
आईपीओ और नियमों में बदलाव
‘स्पेसएक्स’ का यह आईपीओ इस साल की तीन बड़ी संभावित सूचीबद्धता में से एक हो सकता है, जिनमें एआई कंपनियां ‘एन्थ्रॉपिक’ और ‘ओपनएआई’ भी शामिल हैं।
यदि ‘स्पेसएक्स’ 75 अरब डॉलर जुटाता है, तो यह उसके कुल मूल्य का केवल 3.75 प्रतिशत होगा। इसका मतलब है कि कंपनी का अधिकांश हिस्सा निजी हाथों में रहेगा, मुख्यतया एलन मस्क और शुरुआती निवेशकों के पास। जब किसी कंपनी के बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या आम जनता के लिए कम होती है, तो उसे ‘‘लो फ्री फ्लोट’’ कहा जाता है।
आमतौर पर इतनी कम ‘फ्री फ्लोट’ वाली कंपनियां प्रमुख सूचकांकों जैसे नैस्डैक 100 में शामिल नहीं होतीं, लेकिन ‘स्पेसएक्स’ की संभावित लिस्टिंग को देखते हुए नैस्डैक ने नियमों में ढील दी है और 10 प्रतिशत ‘फ्री फ्लोट’ की अनिवार्यता हटा दी है। साथ ही नये सूचीबद्ध शेयरों के इंडेक्स में शामिल होने की अवधि को तीन महीने से घटाकर केवल 15 कारोबारी दिन कर दिया गया है।
बदलाव यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं कि ‘स्पेसएक्स’ जैसी बड़ी कंपनियां जल्दी से प्रमुख सूचकांकों में शामिल हो सकें।
निवेशकों पर प्रभाव
दुनिया भर में 600 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक धन नैस्डैक 100 जैसे इंडेक्स-आधारित कोष में निवेश किया गया है। जैसे ही ‘स्पेसएक्स’ किसी प्रमुख इंडेक्स में शामिल होगी, ये कोष स्वतः उसके शेयर खरीदने लगेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बाजार में भारी अस्थिरता पैदा हो सकती है और लाखों छोटे निवेशकों पर असर पड़ सकता है।
‘स्पेसएक्स’ का लक्ष्य दो लाख करोड़ डॉलर का मूल्यांकन है, जबकि कंपनी की सालाना आय लगभग 15 अरब डॉलर बताई जाती है। इस आधार पर मौजूदा मूल्यांकन को सही ठहराने में 133 वर्षों की आय लगेगी।
इसकी तुलना में टेस्ला जैसे उच्च मूल्य वाले शेयरों के लिए यह अवधि लगभग 13 वर्ष मानी जाती है, जिससे स्पेसएक्स का मूल्यांकन और भी अधिक आक्रामक माना जा रहा है।
निवेशकों की दृष्टि से क्या मतलब है
‘स्पेसएक्स’ और मस्क की कंपनियां पहले से ही खुदरा निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही हैं। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि वह अपने शेयरों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों को बेच सकती है।
विश्लेषकों का कहना है कि इतने ऊंचे मूल्यांकन पर निवेश करने से पहले निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। उनका तर्क है कि जब बड़े कॉरपोरेट नियम अपने अनुसार बदलने लगते हैं, तो बाजार की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
जो भी हो, ‘स्पेसएक्स’ का प्रस्तावित आईपीओ न केवल इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है, बल्कि यह वैश्विक वित्तीय बाजारों के नियमों और संरचना को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसके साथ बाजार में अस्थिरता और निवेशकों के जोखिम को लेकर गंभीर सवाल भी जुड़े हुए हैं।
( द कन्वरसेशन ) मनीषा सुरेश
सुरेश