महाराष्ट्र में स्कूलों के पास उच्च वसा और चीनी वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध

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महाराष्ट्र में स्कूलों के पास उच्च वसा और चीनी वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 09:30 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 09:30 PM IST

मुंबई, 29 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र एफडीए ने स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में उच्च वसा, चीनी और नमक वाले पेय और खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आदेश का पूरे राज्य में सख्ती से पालन किया जाएगा।

आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक स्कूल के रसोई संचालक और स्कूलों में भोजन आपूर्तिकर्ता के पास खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत लाइसेंस होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत राज्य के सभी स्कूलों में और उसके आसपास उच्च वसा, नमक और चीनी (एचएफएसएस) युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री, विज्ञापन और मुफ्त वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मुंढे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्कूल परिसर के भीतर और स्कूल परिसर से 50 मीटर की दूरी तक, उच्च वसा, नमक और चीनी (एचएफएसएस) वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, विज्ञापन और मुफ्त वितरण पर एफडीए द्वारा पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में खाद्य सुरक्षा और पोषण मानकों को लागू करने के लिए 27 जुलाई को एक अनुपालन आदेश जारी किया था, इस कदम से महाराष्ट्र के लगभग 1.08 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग दो करोड़ छात्र लाभान्वित होंगे।

मुंढे ने कहा कि सभी स्कूल कैंटीन, मध्याह्न भोजन रसोई, छात्रावास रसोई और शिक्षण संस्थानों को खाद्य सामग्री आपूर्ति करने वालों के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत पंजीकरण और लाइसेंस लेना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी संस्था या संस्थान बिना पंजीकरण और संचालन के लिए वैध लाइसेंस के स्कूलों, छात्रावासों या मध्याह्न भोजन योजना के तहत खाना तैयार या आपूर्ति नहीं कर सकता।’’

एफडीए आयुक्त ने कहा कि इन पाबंदियों को लागू करने में स्कूल प्रधानाचार्य, शिक्षक और स्थानीय अधिकारी अहम भूमिका निभाएंगे।

मुंढे ने कहा कि छात्रों को पौष्टिक खाना दिया जाना चाहिए, जिसमें सब्जियां, प्रोटीन से भरपूर चीजें, फल, दूध और दूध से बनी चीजें शामिल हों, जबकि ज्यादा वसा, नमक और चीनी वाले खाद्य पदार्थों से पूरी तरह बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों को परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य की होगी।

आयुक्त ने यह भी बताया कि एफडीए ने अपने ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत 3,000 से ज्यादा स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

भाषा शफीक नेत्रपाल

नेत्रपाल