नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) मजबूत आर्थिक संकेतकों से रोजमर्रा के उपभोग वाली वस्तुओं (एफएमसीजी) के क्षेत्र में मांग दोबारा मजबूत होती दिख रही है और इस साल के शुरुआती महीनों में बिक्री करीब पांच प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है।
उपभोक्ता शोध कंपनी वर्ल्डपैनल बाय न्यूमेरेटर की दिसंबर महीने की ‘एफएमसीजी पल्स’ रिपोर्ट के अनुसार, देश की जीडीपी वृद्धि के अनुमान बढ़ाए गए हैं, महंगाई का स्तर नीचे है और खाद्य महंगाई फिलहाल नकारात्मक बनी हुई है। इससे कई कंपनियां लागत में आई राहत को कीमतों के जरिये उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं।
इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के उपभोक्ता विश्वास सूचकांक से भी लोगों का भरोसा धीरे-धीरे लौटने का संकेत मिल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत आर्थिक माहौल एवं एफएमसीजी क्षेत्र में आई तेजी को देखते हुए आने वाली तिमाहियों में यह रफ्तार और मजबूत हो सकती है। घरेलू उपभोग के नजरिये से देखा जाए तो 2026 की शुरुआत के महीनों में एफएमसीजी उत्पादों की मात्रा आधारित बिक्री में लगभग पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है।
करीब डेढ़ साल तक सुस्त प्रदर्शन के बाद पिछली तिमाही में एफएमसीजी क्षेत्र ने 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो अप्रैल 2024 के बाद सबसे बेहतर तिमाही प्रदर्शन है। यह वृद्धि पिछली तिमाही और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कम से कम एक प्रतिशत अधिक रही।
वर्ल्डपैनल के दक्षिण एशिया प्रमुख के. रामकृष्णन ने कहा, ‘‘साल के आखिर में आई इस तेजी के बावजूद 2025 का कुल प्रदर्शन 2024 से पीछे रह सकता है।’’
भाषा प्रेम प्रेम निहारिका
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