नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने खाद्य विनिर्माताओं को केवल अश्वगंधा की जड़ों तथा उनके अर्क का उपयोग करने और किसी भी रूप में पत्तियों का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के अनुसार अश्वगंधा का उपयोग स्वास्थ्य पूरकों, पोषक तत्वों, विशेष आहार के लिए खाद्य पदार्थों एवं चिकित्सा उद्देश्यों में करने की अनुमति है।
एफएसएसएआई ने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि ‘‘ इन उत्पादों के कुछ विनिर्माता अपने उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों और उनके अर्क का उपयोग कर रहे हैं।’’
खाद्य सुरक्षा नियामक ने नवीनतम परामर्श में स्पष्ट किया, ‘‘ उक्त नियमों के तहत अश्वगंधा की पत्तियों का कच्चे रूप में, अर्क के रूप में या किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।’’
आयुष मंत्रालय ने भी दवा/उत्पाद विनिर्माताओं को केवल अश्वगंधा की जड़ों और उनके अर्क का ही उपयोग करने का निर्देश दिया है, पत्तियों का नहीं।
राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्तों तथा अधिकारियों को कड़ी निगरानी करने और प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
भाषा निहारिका
निहारिका