जून में नौ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर बढ़कर पांच प्रतिशत पर
जून में नौ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर बढ़कर पांच प्रतिशत पर
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) देश के नौ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि जून महीने में बढ़कर पांच महीने के उच्च स्तर पांच प्रतिशत पर पहुंच गई। यह तेजी मुख्य रूप से सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क के उत्पादन में बढ़ोतरी से आई।
सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। जून, 2025 में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर 1.1 प्रतिशत थी, जबकि मई, 2026 में यह 3.2 प्रतिशत रही थी।
सरकार ने इस बार नए आधार वर्ष 2022-23 के साथ आंकड़े जारी किए हैं, जो 2011-12 के पुराने आधार वर्ष की जगह लेता है। संशोधित श्रृंखला में लौह अयस्क को भी जोड़ा गया है, जिससे बुनियादी उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जून में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी तरफ, सीमेंट और बिजली उत्पादन में 9.8-9.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि गणना में नए शामिल हुए लौह अयस्क का उत्पादन 43.9 प्रतिशत बढ़ा।
कोयला उत्पादन जून में 1.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने इसमें 6.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इस बीच, इस्पात उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 4.6 प्रतिशत रह गई, जो जून, 2025 में 10.2 प्रतिशत थी।
इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में इन प्रमुख क्षेत्रों की कुल वृद्धि 3.6 प्रतिशत रही, जो पिछले साल की समान अवधि के एक प्रतिशत से अधिक है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा कि औद्योगिक उत्पादन में लौह अयस्क के व्यापक उपयोग और उसके योगदान को देखते हुए इसे संशोधित श्रृंखला में प्रमुख उद्योग के रूप में शामिल किया गया है।
रेटिंग एजेंसी इक्रा ने इन आंकड़ों पर कहा कि जून में आई तेजी व्यापक नहीं थी और नौ में से केवल चार क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से ही यह बढ़ोतरी हुई।
इक्रा ने कहा कि उर्वरक उत्पादन में लगातार चौथे महीने गिरावट आई है, जो संभवतः पश्चिम एशिया में तनाव के असर को दर्शाती है। वहीं इस्पात उत्पादन वृद्धि घटकर 21 महीने के निचले स्तर 4.6 प्रतिशत पर आ गई।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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