गांधीनगर, नौ जुलाई (भाषा) गुजरात सरकार ने बृहस्पतिवार को ‘विकसित गुजरात डेटा सेंटर नीति 2026-29’ की शुरुआत की।
राज्य सरकार ने कहा कि उसे डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए पहले ही 14 कंपनियों से प्रस्ताव मिल चुके हैं और पहले चरण में छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने यहां महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में नीति की शुरुआत करते हुए कहा कि यह पहल गुजरात को देश में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाएगी और राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि गुजरात अगले दशक में भारत का प्रमुख कृत्रिम मेधा (एआई) और डेटा सेंटर केंद्र बनने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि ऐसी समर्पित नीति बनाने वाला गुजरात देश का पहला राज्य है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी करने वाली कंपनियों समेत करीब 14 बड़े डेटा सेंटर निवेशकों ने गुजरात में रुचि दिखाई है।
उन्होंने कहा, ‘धोलेरा में सात से आठ गीगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित होने की उम्मीद है, जिससे करीब छह से सात लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हो सकता है। एक गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर पर 70,000 करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आता है। पहले चरण में ही छह लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की उम्मीद है।’
भाषा योगेश अजय
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