नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) जेएसएम ग्रुप ने हार्ड रॉक इंटरनेशनल की तरफ से फ्रेंचाइजी समझौता खत्म करने और भारत में 10 हार्ड रॉक कैफे बंद करने के फैसले को मंगलवार को ‘एकतरफा और गैर-कानूनी’ करार दिया।
पिछले 22 वर्षों से भारत में हार्ड रॉक ब्रांड की साझेदार रहे जेएसएम ग्रुप ने बयान में कहा कि कंपनी की तरफ से किए गए दावे अनुबंध की शर्तों के बाहर हैं और किसी न्यायालय के आदेश पर आधारित नहीं हैं।
इसके साथ ही समूह ने स्पष्ट किया कि किसी सक्षम अदालत का बाध्यकारी आदेश नहीं आने तक भारत में हार्ड रॉक कैफे सामान्य रूप से संचालित होते रहेंगे।
समूह ने मीडिया में कैफे बंद होने की खबरों पर ‘गहरा आश्चर्य’ जताते हुए उन्हें ‘पूरी तरह गलत और भ्रामक’ बताया। उसने कहा कि उसकी प्राथमिकता कर्मचारियों, ग्राहकों, भागीदारों और आपूर्तिकर्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
हार्ड रॉक इंटरनेशनल ने सोमवार को कहा था कि उसने जेएसएम कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी इकाइयों के साथ फ्रेंचाइजी समझौते खत्म कर दिए हैं। इसके साथ ही भारत में हार्ड रॉक कैफे और रॉक शॉप संचालित करने के अधिकार खत्म होने और देश के 10 शहरों में आउटलेट बंद होने की बात कही गई।
हालांकि, हार्ड रॉक इंटरनेशनल ने इस फैसले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया। प्रभावित शहरों में बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, नई दिल्ली और पुणे शामिल हैं।
कंपनी ने यह भी कहा कि गोवा स्थित हार्ड रॉक होटल इस निर्णय से प्रभावित नहीं है और वह पहले की तरह संचालित होता रहेगा।
वर्ष 1971 में स्थापित हार्ड रॉक कैफे एक वैश्विक ब्रांड है, जो 70 से अधिक देशों में संगीत की विषयवस्तु पर आधारित रेस्तरां, होटल और अन्य आवभगत सेवाएं संचालित करता है।
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