चंडीगढ़, चार जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि हरियाणा तेजी से व्यापार, स्टार्टअप और नवोन्मेष के लिए एक प्रमुख केंद्र के तौर पर उभर रहा है।
सैनी ने पंचकूला में सीए छात्रों के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन ‘प्रज्ञान 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि कारोबार सुगमता को बेहतर बनाने और युवाओं के लिए अवसरों के नए रास्ते खोलने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। हर महीने रिकॉर्ड माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह देश की बढ़ती आर्थिक मजबूती को बताता है।
सैनी ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ने कर प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत की आर्थिक रूपरेखा का खाका और नींव उनके जैसे युवा पेशेवर ही तैयार करेंगे। चार्टर्ड अकाउंटेंसी एक कठिन अकादमिक और पेशेवर सफर है। इसके लिए समर्पण, दृढ़ता और अटूट प्रतिबद्धता की जरूरत होती है।
उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्रों से कहा कि हरियाणा नए व्यापार और स्टार्टअप के लिए तेजी से एक प्रमुख केंद्र के तौर पर उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां व्यापार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और उनके जैसे युवाओं के लिए अवसरों के व्यापक रास्ते खोलने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी की दुनिया तेजी से बदल रही है और कृत्रिम मेधा (एआई) सभी क्षेत्र में चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
सैनी ने कहा कि भले ही कुछ लोगों को डर है कि एआई से चार्टर्ड अकाउंटेंट की नौकरियों पर खतरा हो सकता है, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि कोई भी एआई प्रणाली या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कभी भी इंसानी समझ, अनुभव और फैसला लेने की क्षमता की जगह नहीं ले सकता।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी कामों को आसान बना सकती है और आंकड़ों को अधिक कुशलता से प्रसंस्कृत कर सकती है, लेकिन यह किसी पेशेवर की नैतिकता, ईमानदारी या मानवीय नजरिए की नकल नहीं कर सकती।
भाषा रमण योगेश
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