मुंबई, पांच अगस्त (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी मौद्रिक नीति की घोषणा की। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:-
* रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर यथावत।
* मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सभी सदस्यों ने नीतिगत दर यथावत रखने के पक्ष में मतदान किया।
* वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत किया गया।
* मुद्रास्फीति का अनुमान 5.1 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया।
* मानसून, अल नीनो और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण मुद्रास्फीति का परिदृश्य अनिश्चित।
* वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
* जून से प्रणाली में औसत दैनिक नकदी अधिशेष एक लाख करोड़ रुपये रहा।
* अप्रैल-मई के दौरान चालू खाते में 2.8 अरब डॉलर का अधिशेष दर्ज किया गया।
* पहली तिमाही में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह 30.7 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर रहा तथा शुद्ध प्रवाह में भी वृद्धि हुई।
* विदेशी पोर्टफोलियो निवेशों का जून-जुलाई शुद्ध निवेश 7.1 अरब डॉलर रहा।
* विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त स्तर पर बना हुआ है।
* मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अगली बैठक पांच से सात अक्टूबर तक होगी।
भाषा निहारिका अजय
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