शिमला, 31 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने और दूध बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त दूध को घी में बदलने और उसे किफायती दरों पर बेचने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विधानसभा में भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती के एक सवाल का जवाब देते हुए सुक्खू ने कहा कि सरकार अगले महीने फरवरी और मार्च के लिए दूध उत्पादकों के सभी बकाया भुगतान का निपटारा कर देगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार कांगड़ा जिले के डगवार में एक उच्च-स्तरीय, अत्याधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित कर रही है।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दूध की कीमतों में की गई बढ़ोतरी के बाद दूध उत्पादन में काफी वृद्धि देखी गई है और इसके परिणामस्वरूप, सरकार के पास अब अतिरिक्त दूध जमा हो गया है।
उन्होंने कहा कि पहली बार, उत्पादकों में दूध उत्पादन को आजीविका के एक व्यवहार्य साधन के रूप में अपनाने की इच्छा जागी है। उन्होंने आगे कहा कि इस अतिरिक्त दूध को दूसरे राज्यों को बेचने के बजाय, सरकार ने इसे घी में बदलने और किफायती दरों पर बेचने का फैसला किया है।
पिछली भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले, किसी ने भी इस क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया था, और न ही अधिकारियों ने कभी इसके संबंध में कोई सुझाव दिया था।
प्रस्तावित डगवार संयंत्र के अक्टूबर, 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। एक बार जब यह संयंत्र काम करना शुरू कर देगा, तो राज्य के भीतर उत्पादित पूरा दूध स्थानीय स्तर पर ही खप जाएगा और संसाधित किया जाएगा।
भाषा राजेश राजेश अजय
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