हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), 17 दिसंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश राज्य से सॉफ्टवेयर निर्यात को पांच करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने के लिए विशेष प्रयास करेगा। राज्य सरकार के मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को यह बात कही।
धर्माणी ने यहां 31वें राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के समापन पर कहा कि आज भारत अरबों रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात कर रहा है और देश के सॉफ्टवेयर निर्यात में हिमाचल प्रदेश का योगदान बढ़ेगा। इसके लिए एनआईटी जैसे संस्थानों को आगे आना चाहिए।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में इस सम्मेलन का आयोजन हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) ने शिक्षा विभाग और एनआईटी-हमीरपुर के सहयोग से किया था। इसमें राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी) की भागीदारी भी रही।
राज्य के कैबिनेट मंत्री के रूप में 12 दिसंबर को शपथ लेने के बाद पहली बार हमीरपुर आए मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से सॉफ्टवेयर निर्यात को पांच करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
मंत्री ने छात्रों को तार्किक रहने, अपनी जिज्ञासा को हमेशा जीवित रखने और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपने आसपास की विभिन्न समस्याओं का समाधान खोजने की सलाह दी।
भाषा अनुराग पाण्डेय
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