नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) चार्टर्ड अकाउंटेंट की शीर्ष संस्था आईसीएआई जल्द ही अपने सदस्यों और अधिकारियों से विदेश यात्रा में कटौती सहित विदेशी मुद्रा बचाने की पहल करने को कहेगी। यह कदम पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद उठाया गया है।
भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार डी ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि संस्थान चार्टर्ड अकाउंटेंट और उनके परिवारों के लिए एक परामर्श भी जारी करेगा। इसमें उन विभिन्न क्षेत्रों के बारे में बताया जाएगा, जहां वे देश के लिए विदेशी मुद्रा बचाने में मदद कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि आईसीएआई के पांच लाख से अधिक सदस्य हैं।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईंधन की खपत कम करने, विदेश यात्रा सीमित करने, विदेशों में ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ से बचने और सोने की खरीद टालने का आह्वान किया है।
कुमार ने कहा कि आईसीएआई ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कड़े उपाय करने का निर्णय लिया है। संस्थान में पद संभालने वाले सदस्यों और अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर अंकुश लगाया जाएगा। यदि वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठकें करने का विकल्प मौजूद है, तो विदेश यात्राओं में कटौती की जाएगी और ऐसी यात्राओं की अनुमति केवल तभी दी जाएगी जब वह बेहद आवश्यक हो।
उनके अनुसार, संस्थान में विदेशी मुद्रा बचाने के उपायों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
भाषा पाण्डेय अजय
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