भारत ने किफायती समुद्री रास्ते से सिंगापुर को 4.3 टन बंगनपल्ली आम का निर्यात किया

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भारत ने किफायती समुद्री रास्ते से सिंगापुर को 4.3 टन बंगनपल्ली आम का निर्यात किया

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 07:14 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 07:14 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने कम ‘लॉजिस्टिक्स’ लागत वाले समुद्री रास्ते से सिंगापुर को 4.3 टन बंगनपल्ली आम का निर्यात किया है।

कृषि मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि समुद्री रास्ते से लॉजिस्टिक्स लागत हवाई निर्यात खेप की तुलना में काफी कम थी।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत के ताजे फलों के निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ी कामयाबी के तौर पर, भारतीय आम समुद्री खेप के जरिये सफलतापूर्वक सिंगापुर पहुंच गए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में किफायती और बड़े पैमाने पर आम के निर्यात को बढ़ाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है।’’

लखनऊ स्थित आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टिट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (आईसीएआर-सीआईएसएच) ने एपिडा के सहयोग से आम के निर्यात के लिए समुद्री खेप का एक वैज्ञानिक प्रोटोकॉल तैयार किया है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस पहल के तहत, आंध्र प्रदेश से 4.3 टन बंगनपल्ली आमों की एक खेप रीफर कंटेनर के जरिये सिंगापुर भेजी गई।’’

समुद्री रास्ते से लॉजिस्टिक्स लागत में काफी कमी आती है; हवाई खेप के लिए यह लागत 150-250 रुपये प्रति किलोग्राम होती है, जबकि समुद्री रास्ते से यह 13-20 रुपये प्रति किलोग्राम रहने का अनुमान है। कम लॉजिस्टिक लागत ने उत्पादकों और निर्यातकों के लिए निर्यात को अधिक फायदेमंद बना दिया है।

बयान में कहा गया, ‘‘आईसीएआर-सीआईएसएच द्वारा विकसित प्रोटोकॉल में शुरू से आखिर तक गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली प्रणाली शामिल है, जिसमें रसायन अवशेष-मुक्त उत्पादन, अच्छी कृषि पद्धतियां (जीएपी), वैज्ञानिक तरीके से तुड़ाई, ग्रेडिंग, पैकिंग और तुड़ाई के बाद का प्रबंधन शामिल है।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय