नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स खुदरा विक्रेता कंपनी सत्य एजेंसीज, ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स और टोरेंट गैस को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये धन जुटाने के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई है।
सत्य एजेंसीज और कनोहर इलेक्ट्रिकल्स ने क्रमशः मार्च और जनवरी में सेबी के पास आईपीओ के शुरुआती कागजात जमा किए थे, जबकि टोरेंट गैस ने मार्च में नियामक के पास गोपनीय तरीके से कागजात जमा किए थे।
इन कंपनियों के दस्तावेजों की समीक्षा के बाद, नियामक ने 22-25 जून के दौरान अपनी ‘टिप्पणियां’ दीं। किसी कंपनी के लिए सार्वजनिक निर्गम लाने के लिए सेबी की मंजूरी जरूरी होती है।
दस्तावेजों के अनुसार, सत्य एजेंसीज आईपीओ के जरिये 600 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य बना रही है, जिसमें 300 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों का नया निर्गम और प्रवर्तकों द्वारा 300 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है।
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के प्रस्तावित आईपीओ में 300 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों का नया निर्गम और प्रवर्तकों के संस फैमिली ट्रस्ट द्वारा 1.45 करोड़ शेयरों का ओएफएस शामिल है।
कंपनी नए निर्गम से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल व्यवसाय बढ़ाने और कार्यशील पूंजी की जरूरतों के लिए करने की योजना बना रही है।
टोरेंट गैस शहर गैस वितरण क्षेत्र की कंपनी है। इसने गोपनीय मार्ग से आईपीओ दस्तावेज जमा किए हैं।
भाषा राजेश राजेश अजय
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