नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने से घरेलू परिधान निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में बिना शुल्क के सामान बेचने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनके लिए बड़े मौके खुलेंगे।
एईपीसी ने एक बयान में कहा कि बिना शुल्क के सामान बेचने की सुविधा से दुनिया के सबसे बड़े और समझदार उपभोक्ता बाजारों में से एक में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।
एईपीसी के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने कहा, ‘‘भारत के कपड़ा उद्योग के लिए, इस समझौते से बिना शुल्क के ब्रिटिश बाजार तक पहुंच मिलने से बड़े मौके खुलने की उम्मीद है।’’
भारत एवं ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह समझौता शुल्क बाधाओं को खत्म करके और ब्रिटेन के बाजार में प्रतिस्पर्धा के समान अवसर पैदा करके भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी फायदा देगा।’’
उन्होंने कहा कि इसमें ब्रिटेन को भारत के कपड़ा निर्यात को बढ़ाने, नया निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने की क्षमता है। यह समझौता भारत के श्रम-बहुल कपड़ा क्षेत्र के लिए विकास का एक नया अध्याय खोलेगा और विनिर्माण के विस्तार में मदद करेगा।
शक्तिवेल ने ब्रिटेन को भारत के सबसे महत्वपूर्ण कपड़ा निर्यात गंतव्य में से एक बताते हुए कहा कि वहां परिधान निर्यातकों के लिए काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
समझौते के तहत बिना शुल्क के सामान बेचने की सुविधा मिलने से कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धा बेहतर होने, बाजार में पैठ गहरी होने और भारतीय निर्यातकों को यूके के कपड़ा आयात में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अभी, ब्रिटेन को भारत का कपड़ा निर्यात लगभग 1.4 अरब डॉलर का है, जबकि दुनिया से ब्रिटेन का कुल कपड़ा आयात 19.84 अरब डॉलर का है।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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