नयी दिल्ली, छह मार्च (पीटीआई) अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) ने शुक्रवार को प्रतिकूल मौसम का हवाला देते हुए 2025-26 सत्र के लिए भारत के चीनी उत्पादन अनुमान को पिछले अनुमान 2.96 करोड़ टन से 4.4 प्रतिशत घटाकर 2.83 करोड़ टन कर दिया है।
एआईएसटीए ने एक बयान में कहा कि कुल चीनी उत्पादन 3.15 करोड़ टन होने की उम्मीद है, जिसमें से 32 लाख टन एथनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
अक्टूबर-सितंबर के चालू सत्र में उत्पादन अभी भी 2024-25 में उत्पादित 2.62 करोड़ टन से अधिक रहने का अनुमान है।
एआईएसटीए की फसल समिति ने कहा कि इस सत्र में महाराष्ट्र और पड़ोसी कर्नाटक में असाधारण जलवायु चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जहां लगातार बारिश और लंबे समय तक बादल छाए रहने के कारण गन्ने की वृद्धि के महत्वपूर्ण चरणों में बाधा आई।
उद्योग निकाय ने कहा कि अक्टूबर में अत्यधिक बारिश के कारण महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी जलभराव हुआ, खेतों में काम रुक गया और फसल पर दबाव पड़ा।
देश के शीर्ष चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के उत्पादन अनुमान को 1.08 करोड़ टन से घटाकर 99.7 लाख टन कर दिया गया है, हालांकि यह 2024-25 में उत्पादित 81 लाख टन से ऊपर बना हुआ है।
भारत के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक उत्तर प्रदेश के लिए अनुमान 94.1 लाख टन से घटाकर 91 लाख टन कर दिया गया है, जो पिछले सत्र के 93 लाख टन से थोड़ा कम है।
एआईएसटीए ने कहा कि गुड़ इकाइयों से गन्ने की मजबूत मांग के कारण मिलों को गन्ने की आपूर्ति कम हो गई।
कर्नाटक का उत्पादन अनुमान 49.1 लाख टन से घटाकर 48 लाख टन कर दिया गया है, लेकिन यह 2024-25 के 43 लाख टन से अधिक है।
भाषा पाण्डेय
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