तोक्यो, 17 अगस्त (एपी) जापान की अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान निजी खपत स्थिर रही और निर्यात वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी।
कैबिनेट कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जापान के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 2026 की दूसरी तिमाही में पहली तिमाही की तुलना में मौसमी रूप से समायोजित आधार पर 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जनवरी-मार्च तिमाही में यह दर 2.1 प्रतिशत थी।
अप्रैल-जून तिमाही में निजी खर्च जनवरी-मार्च की तुलना में 1.2 प्रतिशत घटा, जबकि निर्यात में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
समीक्षाधीन अवधि में निर्यात को जापानी वाहनों और सेमीकंडक्टर की वैश्विक मांग से समर्थन मिला। जापान में टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन, होंडा मोटर कंपनी समेत कई प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनियां हैं।
कृत्रिम मेधा (एआई) में बढ़ती रुचि के कारण कंप्यूटर चिप की वैश्विक मांग बढ़ी है, जिससे जापान के निर्यात को भी समर्थन मिला।
सरकारी खपत में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
तिमाही आधार पर जीडीपी की वृद्धि दर विश्लेषकों के अनुमान से कम रही। ईरान में जारी युद्ध से जापान की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा लागत में तेज वृद्धि हुई है। संसाधनों की कमी वाले जापान के लिए यह खास तौर पर मुश्किल है, क्योंकि वह अपने लगभग पूरे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है।
फारस की खाड़ी से एशिया तक तेल के निर्यात के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध के कारण अवरुद्ध से कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है। जापान ने अपने तेल भंडार से कुछ हिस्सा भी निकाला है और वैकल्पिक मार्गों पर काम कर रहा है।
ब्रेंट कच्चा तेल हाल में करीब 88 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो एक साल पहले के करीब 65 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक है। हालांकि, यह इस साल की शुरुआत में दर्ज स्तर से कम है जब कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी।
एपी निहारिका
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