जेट एयरवेज के साल के अंत तक दोबारा उड़ान भरने की उम्मीद: एयरलाइन समाधान पेशेवर

Ads

जेट एयरवेज के साल के अंत तक दोबारा उड़ान भरने की उम्मीद: एयरलाइन समाधान पेशेवर

  •  
  • Publish Date - June 22, 2021 / 02:31 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:36 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के मंगलवार को जेट एयरवेज के लिए दिवाला समाधान योजना को मंजूरी देने के साथ समाधान पेशेवर आशीष छावछरिया ने कहा कि अगर सब कुछ सही से चलता रहा तो जेट एयरवेज इस साल के अंत तक दोबारा उड़ान भर सकती है।

जेट एयरवेज दो साल से दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत ऋण समाधान प्रक्रिया से गुजर रही थी। समाधान पेशेवर छावछरिया उसके कामकाज का प्रबंधन कर रहे हैं।

जेटएयर को दो दशक से ज्यादा समय तक सेवा देने के बाद वित्तीय संकट में फंसने के कारणअप्रैल, 2019 में परिचालन रोकना पड़ा।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने जेट एयरवेज के लिए ब्रिटेन के कलरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात के उद्यमी मुरारी लाल जालान के गठजोड़ द्वारा सौंपी गयी दिवाला समाधान योजना को मंजूरी दी है।

छावछरिया ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘हम योजना को मंजूरी दिए जाने से खुश हैं। निश्चित तौर पर हमें एयरलाइन पुन: लौटने ने की पूरी उम्मीद है। और अगर सब कुछ सही रहा तो साल के अंत तक हम जेट एयरवेज की उड़ानों को दोबारा आसमान में देख सकते हैं।’

उन्होंने कहा, हालांकि स्लॉट की समस्या का हल कब तक होगा यह कहना मुश्किल है, उन्हें इसकी उम्मीद है क्योंकि योजना के कार्यान्वयन की प्रभावी तारीख मंजूरी दिए जाने की तारीख से 90 दिन है।

समाधान पेशेवर ने कहा, ‘हर कोई उस (उड़ान समय-सारिणी में जेट की जगहों के मुद्दे के समाधान के भी) दिशा में काम करेगा।’

जेट एयरवेज के ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने अक्टूबर, 2020 में समाधान योजना को मंजूरी दी थी।

एनसीएलटी की पीठ ने मंगलवार को अपने मौखिक आदेश में कहा कि अगर योजना के प्रभाव में आने की तारीख को आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो समाधान योजना की आवेदक (जालान कलरॉक गठजोड़) फिर से न्यायाधिकरण के पास आ सकती है।

एयरलाइन के दोबारा परिचालन शुरू करने के लिए स्लॉट महत्वपूर्ण होंगे। अप्रैल, 2019 में परिचालन के निलंबन से पहले जेट एयरवेज के पास उपलब्ध स्लॉट दूसरी एयरलाइनों को आवंटित कर दिए गए हैं।

भाषा

प्रणव मनोहर

मनोहर