नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) केन्या ने नैरोबी के जोमो केन्याटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेकेआईए) के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए ‘चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी’ (सीसीसीसी) को 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर का ठेका दिया है।
भारत के अदाणी समूह के साथ प्रस्तावित सौदा रद्द होने के लगभग दो साल बाद केन्या ने बड़े पैमाने पर चीनी सहायता प्राप्त बुनियादी ढांचा विकास की ओर रुख किया है।
सूत्रों ने बताया कि इस नए अनुबंध का मूल्य अदाणी समूह के प्रस्तावित हवाई अड्डा रियायती सौदे से लगभग 50 प्रतिशत अधिक है।
अदाणी समूह के सौदे की लागत करीब दो अरब डॉलर अनुमानित थी, जिसे राष्ट्रपति विलियम रूटो की सरकार ने राजनीतिक विरोध, कानूनी चुनौतियों और सार्वजनिक जांच के बीच नवंबर, 2024 में रद्द कर दिया था।
केन्या ने शुरू में इस परियोजना पर अदाणी समूह के साथ कुछ महीनों तक बातचीत की थी। हालांकि, अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों (जिनसे अदाणी समूह ने इनकार किया था) के बाद राष्ट्रपति विलियम रूटो पर बढ़ते दबाव के बीच यह सौदा रद्द कर दिया गया।
बाद में अमेरिकी न्याय विभाग ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने का हवाला देते हुए मामले को बंद कर दिया।
चीनी कंपनी को दिया गया यह ठेका केन्या के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण की लंबे समय से लंबित योजना को आगे बढ़ाएगा। यह हवाई अड्डा अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों का भार संभाल रहा है और पूर्वी अफ्रीका के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में केन्या की महत्वाकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
हवाई अड्डे के विस्तार की योजना 2045 तक के 20 वर्षीय मास्टर प्लान का हिस्सा है। इसके तहत रनवे, यात्री टर्मिनल, विमान पार्किंग क्षेत्र, संपर्क सड़कों और अन्य सहायक सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा।
भाषा योगेश अजय
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