मुंबई, नौ मार्च (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) डेटा सुरक्षा अनुपालन की समयसीमा को कम करने के अपने प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने से पहले उद्योग की राय का इंतजार कर रहा है। मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कृष्णन ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक कर्नाटक सरकार के 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को नहीं देखा है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेमिंग जैसे विषय राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इन्हें अलग से संबोधित करना होगा।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘हम इस (समय सीमा घटाने) पहलू पर उद्योग से परामर्श कर रहे हैं। हमने कुछ चर्चाएं की हैं और उनके सुझावों का इंतजार कर रहे हैं। सुझाव मिलने के बाद ही हम अंतिम निर्णय लेंगे।’
सूत्रों के अनुसार, मेइटी ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा (डीपीडीपी) नियमों के तहत महत्वपूर्ण डेटा प्रबंधकों के लिए अनुपालन की समयसीमा को 18 महीने से घटाकर 12 महीने करने का प्रस्ताव रखा है।
कृष्णन ने कहा कि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां और कई बड़े संगठन पहले से ही कई अन्य बाजारों में कड़े डेटा सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं। यही कारण है कि भारत में नए नियमों को जल्दी लागू करने पर हो रही है।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवाल पर कृष्णन ने कहा, ‘यह सब राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र के विषय हैं और इन्हें अलग से देखना होगा। हमें अभी तक यह नहीं पता कि संबंधित कानून क्या कहता है। हमें देखना होगा कि यह राज्य सरकार की क्षमता में आता है या नहीं और विधायी अधिकार कैसे काम करता है।’
भाषा योगेश अजय
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