नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग के प्रमुख संगठन नैसकॉम ने सोमवार को प्रौद्योगिकी कंपनियों को पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट को देखते हुए अपनी परिचालन तैयारियों और साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की सलाह दी है। नैसकॉम ने आगाह किया है कि अनिश्चितता के इस माहौल में कामकाज में बाधा आने और साइबर खतरों का जोखिम काफी बढ़ सकता है।
अपनी सदस्य कंपनियों के लिए जारी एक नए परामर्श में नैसकॉम ने कहा कि हालांकि वर्तमान में व्यावसायिक परिचालन स्थिर है, लेकिन कंपनियां अपनी आकस्मिक योजनाओं की सक्रिय रूप से समीक्षा कर रही हैं और झटकों को झेलने या उनसे उबरने की अपनी क्षमता को और मजबूत कर रही हैं, ताकि ‘समय के साथ स्थिति बदलने पर’ होने वाले किसी भी संभावित व्यवधान को कम किया जा सके।
यह परामर्श ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष गहरा गया है। इसके जवाब में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने हवाई क्षेत्र को प्रभावित किया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता, साइबर खतरों और वैश्विक प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे, यात्रा मार्गों व समुद्री व्यापार पर इसके संभावित असर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
नैसकॉम ने सोमवार को जारी बयान में कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर नैसकॉम ने सदस्य कंपनियों के लिए एक और परामर्श जारी किया है। इसमें उनसे अपनी व्यवसाय निरंतरता और साइबर सुरक्षा ढांचे को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने और तैयारियों को पुख्ता करने का आग्रह किया गया है।’’
कंपनियों को ‘व्यवसाय निरंतरता योजना’ (बीसीपी) सक्रिय करने और प्रभावित होने वाले देशों में परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने को कहा गया है। कंपनियां प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए घर से काम की सुविधा देकर और जमीनी स्थिति की निगरानी कर उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही हैं।
परामर्श में कंपनियों को यह सुझाव भी दिया गया है कि वे अपनी सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और महत्वपूर्ण डेटा व सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘क्लाउड ढांचे’ और ‘डेटा केंद्रों’ के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करें।
भाषा सुमित अजय
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