नयी फसल की आवक बढ़ने से सरसों सहित अधिकांश तेल-तिलहनों में गिरावट

Ads

नयी फसल की आवक बढ़ने से सरसों सहित अधिकांश तेल-तिलहनों में गिरावट

  •  
  • Publish Date - February 23, 2026 / 08:45 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 08:45 PM IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) मंडियों में सरसों की नयी फसल की आवक बढ़ने के कारण कारोबारी धारणा प्रभावित रहने से देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों सहित अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबारी धारणा प्रभावित रहने से मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल दिल्ली एवं इंदौर, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम में भी गिरावट आई। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में प्लांट वालों द्वारा खरीद बढ़ाने के मकसद से सोयाबीन तिलहन के दाम बढ़ाने के कारण सोयाबीन तिलहन के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए।

मांग रहने और आयात कम होने के बीच आयात होने वाले सोयाबीन डीगम तेल तथा मांग प्रभावित रहने के बीच बिनौला तेल के दाम स्थिर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में दोपहर साढ़े तीन बजे मामूली गिरावट थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार चल रहा है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरसों की नयी फसल की आवक बढ़ने से सरसों पर दबाव होने के अलावा बाकी तेल-तिलहनों के दाम भी दबाव महसूस कर रहे हैं। आगे जाकर आवक और बढ़ेगी और दाम भी टूटने के आसार हैं। इस कारण कारोबारी संभल-संभल कर जरूरत भर की ही सरसों खरीद कर रहे हैं। ऊंचे दाम पर मांग कमजोर रहने से सरसों तेल-तिलहन के दाम में गिरावट रही। इसी प्रकार लिवाली कुछ प्रभावित होने से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में भी गिरावट देखी गई।

उन्होंने कहा कि सुबह 10-11 बजे महाराष्ट्र के प्लांट वालों ने सोयाबीन तिलहन के दाम 50 रुपये क्विंटल घटाये थे। इसकी देखादेखी मध्य प्रदेश के प्लांट वालों ने भी सोयाबीन के दाम घटाये। लेकिन मध्य प्रदेश में सहकारी संस्था नेफेड के पास सोयाबीन का स्टॉक नहीं है और वहां उपलब्धता भी कम है। आवक की कमी को देखते हुए शाम को यहां के प्लांट वालों ने फिर से सोयाबीन के दाम में 75 रुपये क्विंटल की वृद्धि कर दी। जिसके कारण सोयाबीन का दाम शनिवार के मुकाबले 25 रुपये क्विंटल अधिक हो गया। सोयाबीन तिलहन के दाम में मजबूती आने का यही मुख्य कारण है।

सूत्रों ने कहा कि सरसों की आवक बढ़ने और बाजार धारणा प्रभावित रहने से सोयाबीन दिल्ली एवं इंदौर तेल के दाम में भी गिरावट देखी गई। आयात कम होने और त्योहारी मांग रहने के बीच सोयाबीन डीगम तेल के दाम स्थिर बने रहे।

उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज की मामूली गिरावट तथा बाजार धारणा प्रभावित रहने के बीच पाम-पामोलीन तेल के दाम भी गिरावट दर्शाते बंद हुए।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,600-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,900-7,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,660-2,960 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,305-2,405 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,305-2,450 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,775 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,300-5,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,900-4,950 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय