अमरावती, 23 फरवरी (भाषा) तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को आपूर्ति किए जा रहे घी की गुणवत्ता को लेकर विवादों के बीच मंदिर प्रबंधन ने गुणवत्ता की कड़ी जांच सुनिश्चित करने और आपूर्ति में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ‘ई-टंग, ई-नोज’ जैसी उन्नत प्रणालियों से लैस एक आधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला शुरू करने की तैयारी की है।
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी), तिरुपति में विश्व प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन करता है।
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक प्रयोगशाला तैयार की जा रही है और इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
यादव ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “ई-टंग और ई-नोज’ (दोनों इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) जैसी अत्याधुनिक खाद्य प्रयोगशाला सेवाएं घी में सूक्ष्म स्तर की गुणवत्ता में कमी का भी पता लगा सकती हैं। ये प्रयोगशालाएं जल्द ही तिरुमला में उपलब्ध होंगी।”
यादव के अनुसार, फ्रांस से मंगाई जा रही ‘ई-टंग’ प्रणाली, स्वाद के पैटर्न का सटीक विश्लेषण कर घी और अन्य कच्चे माल में सूक्ष्म स्तर की खराबी का भी पता लगाने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि वहीं इसी प्रकार ‘ई-नोज’ प्रणाली सुगंध का आकलन कर काम करती है, जिससे अधिकारियों को घी और प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्रियों में मिलावट व गुणवत्ता संबंधी खामियों की पहचान करने में मदद मिलती है।
यादव ने बताया कि 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह सुविधा 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और अगले महीने से काम शुरू हो जाएगा।
मंत्री ने कहा कि प्रयोगशालाएं लड्डू प्रसाद (पवित्र भोजन) तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली लगभग 60 कच्ची सामग्रियों का परीक्षण करेंगी, जिनमें घी और सूखे मेवे शामिल हैं।
भाषा जितेंद्र माधव
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