लखनऊ, नौ मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में द्रुत गति की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को विस्तार देने के लिए ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
राज्य सरकार द्वारा यहां जारी एक बयान के मुताबिक यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बयान के अनुसार, प्रोजेक्ट गंगा परियोजना के तहत अगले दो–तीन साल में 20 लाख से अधिक घरों तक द्रुत गति की इंटरनेट सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि न्याय पंचायत स्तर पर आठ हजार से 10 हजार स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जाएगा। बयान के मुताबिक, इनमें महिलाओं की लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है।
बयान में बताया गया है कि इस परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एमओयू के लिए आयोजित कार्यक्रम में राज्य के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि आज का यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की है और अगर रोजगार प्रौद्योगिकी के माध्यम से मिलता है तो वह और अधिक प्रभावी और स्थायी होता है।
खन्ना ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा के तहत लगभग 20 लाख घरों तक तेज गति वाला ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य है, जिससे करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तेज गति की इंटरनेट सेवा पहुंचने से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खुलेंगे।
हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लिमिटेड के निदेशक विंसले फर्नांडीज ने कहा कि परियोजना के दो प्रमुख स्तंभ युवा एवं महिला सशक्तीकरण हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रदेश में लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के मुख्य कारोबार अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो और रोजगार के नए अवसर तैयार हो सकें।
उन्होंने कहा कि द्रुत गति की इंटरनेट सेवा उपलब्ध होने से टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल कौशल, ई-कॉमर्स और डिजिटल सामग्री जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।
भाषा सलीम रवि कांत अजय
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