(NPS Vatsalya scheme/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: NPS Vatsalya Scheme पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एनपीएस वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) को और आकर्षक बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब नाबालिग बच्चों के लिए यह योजना और अधिक सुविधाजनक हो गई है। नए नियमों के मुताबिक, खाता खोलने के 3 साल बाद आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है। शिक्षा, चिकित्सा और निर्दिष्ट विकलांगता जैसी परिस्थितियों में स्वयं के योगदान का 25% तक आंशिक निकासी की जा सकती है।
नए नियमों के तहत 18 साल से पहले बच्चे दो बार और 18 से 21 साल की उम्र के बीच में दो बार आंशिक निकासी कर सकते हैं। इससे पहले यह सुविधा 18 साल तक तीन बार ही उपलब्ध था। इसके अलावा अब सदस्य एनपीएस टियर-1 में स्थानांतरित होने या कुल राशि का 80% तक एकमुश्त निकालने का विकल्प रख सकते हैं। बची हुई राशि का 20% पेंशन के लिए एन्युटी में निवेश करना आवश्यक है।
पीएफआरडीए के अनुसार, अगर खाते में कुल जमा राशि 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी राशि निकालने की अनुमति है। पहले खाते में जमा राशि का कम से कम 80% हिस्सा पेंशन खरीदने के लिए इस्तेमाल करना अनिवार्य था। नए नियमों से योजना और आकर्षक बन गई है और इससे माता-पिता अपने बच्चों के लिए खाते खोलने के लिए प्रेरित होंगे।
एनपीएस वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए शुरू की गई है। यह योजना एनपीएस का ही हिस्सा है, लेकिन इसमें केवल बच्चों के नाम पर खाता खुलता है। खाता अभिभावकों द्वारा संचालित होता है, जबकि लाभार्थी बच्चा ही होता है। इस योजना का उद्देश्य लंबी अवधि में बच्चों के लिए मोटा रिटायरमेंट फंड तैयार करना है और इसमें कम्पाउंडिंग का फायदा भी मिलता है।
18 साल से कम उम्र के बच्चों का परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर जारी किया जाता है। खाते को माता-पिता या अभिभावक संचालित करते हैं। न्यूनतम निवेश राशि 1,000 रुपये है और कोई भी अधिकतम राशि जमा कर सकता है। खाते को SBI, HDFC, Bank of Baroda, Post Office या एनपीएस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खोला जा सकता है। बच्चे के 18 साल पूरे होने के बाद खाता ऑटोमेटिक टियर-1 में बदल जाता है और अब बच्चा खुद खाता ऑपरेट कर सकता है। इसके अलावा, निवेश पर धारा 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये तक अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है।