ईरान ने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने का लिया संकल्प, जवाबी कार्रवाई से युद्ध बढा

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ईरान ने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने का लिया संकल्प, जवाबी कार्रवाई से युद्ध बढा

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  • Publish Date - March 1, 2026 / 10:34 PM IST,
    Updated On - March 1, 2026 / 10:34 PM IST

दुबई, एक मार्च (एपी)ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का रविवार को संकल्प लिया।

वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजराइल को अपने ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिका और इजराइल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी।

ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजराइली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

इससे पहले, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल और खाड़ी अरब देशों में स्थित वृहद लक्ष्यों पर मिसाइलें दागीं, जबकि इजरायल ने ईरान के नेताओं और सेना के खिलाफ ‘लगातार’ हमले करने का संकल्प लिया।

इजराइल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। इजराइल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है।

अमेरिकी सेना ने रविवार को पुष्टि कि अभियान शुरू होने के बाद से उसके तीन सैनिक मारे गए हैं और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये लड़ाई में मारे गए पहले ज्ञात अमेरिकी सैनिक हैं।

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सरकारी टेलीविजन चैनल पर प्रसारित एक पूर्व-रिकॉर्डिड संदेश में कहा कि एक नई नेतृत्व परिषद ने अपना काम शुरू कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि नए सर्वोच्च नेता का चुनाव ‘एक . दो दिन’ में किया जाएगा।

इन हमलों और जवाबी हमलों, खामेनेई के मारे जाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दशकों पुराने इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकने के आह्वान से एक लंबे संघर्ष की आशंका बढ़ गई है जिसकी चपेट में पूरा मध्य एशिया आ सकता है।

पिछले आठ महीनों में यह दूसरी बार है जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से सैन्य अभियान शुरू किया है। अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा सैन्य शक्ति का प्रदर्शन चौंकाने वाला है क्योंकि वह ‘अमेरिका फर्स्ट’ के नारे के साथ सत्ता में आए थे और ‘अनंत युद्धों’ से दूर रहने का संकल्प लिया था।

पिछले साल जून में चले 12 दिनों के युद्ध में, इजराइल और अमेरिका के हमलों ने ईरान की हवाई सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को काफी कमजोर कर दिया था। लेकिन तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान पर शासन करने वाले खामेनेई के मारे जाने से नेतृत्व में शून्यता पैदा हो गयी है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

ईरान ने खामनेई की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने रविवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा, ‘‘आपने हमारी लक्ष्मण रेखा पार कर ली है और आपको इसकी कीमत चुकानी होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम आप पर ऐसे विनाशकारी प्रहार करेंगे कि आप स्वयं जान की भीख मांगने पर मजबूर हो जाएंगे।’’

ट्रंप ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई से स्थिति और बिगड़ जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर कहा,‘‘उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा!’’

इस हमले से क्षेत्रीय अशांति भड़कने की आशंका का संकेत तब मिला जब रविवार को सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले दागे। अधिकारियों के अनुसार, इस झड़प में कम से कम नौ लोग मारे गए।

ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किये हैं।

अमेरिका और इजराइल द्वारा किये गए हमले के जवाब में ईरान ने अमेरिकी सेनाओं के खाड़ी देशों में स्थित ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई की।

हवाई युद्ध से वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक यातायात के लिए असुरक्षित बना देता है। विश्व के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है, और तेल की कीमतों में पहले से ही उतार-चढ़ाव की आशंका बनी रहती है।

इजराइली सेना के मुताबिक पूरे देश में लगातार हुए हमलों में कम से कम 10 लोग मारे गए और 120 से अधिक घायल हुए। सेना ने बताया कि कई मिसाइलों को नाकाम कर दिया गया।

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने रविवार को कहा कि उनका देश ईरान में सैन्य और नेतृत्व के ठिकानों पर लगातार हवाई हमले करेगा।

पश्चिम एशिया में पैदा हुए हालात की वजह से हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात की वाणिज्यिक राजधानी दुबई लंबे समय से खुद को एक अस्थिर क्षेत्र में सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में प्रस्तुत करके व्यापारियों और प्रवासियों को आकर्षित करती रही है, लेकिन इसबार वह भी संघर्ष की चपेट में है।

यूएई की सरकारी मीडिया के मुताबिक राजधानी अबू धाबी पर ईरानी हमलों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और हवाई हमलों से निकले मलबे के कारण शहर के मुख्य बंदरगाह और प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल के अग्रभाग में आग लग गई।

ईरानी कार्रवाई का दायरा ओमान तक फैल गया है, जो पश्चिम के साथ ईरान का लंबे समय से वार्ताकार रहा है और इससे पहले इस संघर्ष में शामिल नहीं हुआ था।

सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उसने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र या भूभाग का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने दिया।

जॉर्डन ने कहा कि उसने 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया। कुवैत, बहरीन और कतर ने भी रविवार सुबह ईरानी मिसाइलों को रोकने का दावा किया।

ईरान के विदेश मंत्री ने इन हमलों के लिए अमेरिका और इजराइल को दोषी ठहराया। ईरानी विदेशमंत्री के मुताबिक उन्होंने खाड़ी देशों के अपने समकक्षों से बात की है और उनसे अमेरिका और इजराइल पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव डालने का आग्रह किया है।

ईरान ने नए सर्वोच्च नेता के चुने जाने तक शासन करने के लिए एक परिषद का गठन किया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में, 1989 से सभी प्रमुख नीतियों पर खामेनेई का अंतिम निर्णय होता था। उन्होंने ईरान के धार्मिक प्रतिष्ठान और रिवोल्यूशनरी गार्ड का नेतृत्व किया, जो सत्तारूढ़ धर्मतंत्र में सत्ता के दो मुख्य केंद्र थे।

हालांकि ट्रंप ने शनिवार को ईरानी जनता से अपनी सरकार पर ‘कब्जा करने’ का आह्वान किया, लेकिन तेहरान या कहीं और अशांति का कोई संकेत नहीं मिला।

ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में कम से कम 115 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने कहा कि उन्हें स्कूल पर इजरायली या अमेरिकी हमले की जानकारी नहीं है। अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि उन्हें इन खबरों की जानकारी है और अधिकारी इनकी जांच कर रहे हैं।

एपी धीरज नरेश

नरेश