जम्मू, दस फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को ‘राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता’ (एसएएससीआई) योजना को कर्ज का जाल बताने वालों पर तीखा हमला किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के तहत केंद्र शासित प्रदेश के लिए 3,000 करोड़ रुपये हासिल करने को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि करार दिया।
विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान अपने जवाब में अब्दुल्ला ने दावा किया कि इस योजना की आलोचना इसके प्रावधानों और दीर्घकालिक वित्तीय प्रभावों की समझ की कमी के कारण हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”मेरे एक युवा मित्र ने यहां एसएएससीआई योजना के बारे में विस्तार से बात की। वह बहुत भावुक हो गए और कहा कि यह किसी तरह का कॉरपोरेट जाल है। यह अदाणी और अंबानी का कर्ज है। इस योजना को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। दुर्भाग्य से, जो लोग इसे नहीं समझते, वे इस पर टिप्पणी कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत जम्मू-कश्मीर को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा। उन्होंने इस चिंता को खारिज कर दिया कि इससे प्रदेश कर्ज के संकट में डूब जाएगा। उन्होंने कहा, ”आप बजट को अच्छी तरह समझते हैं। आप अनुमान लगा सकते हैं कि आज के रुपये की कीमत क्या है और 50 साल बाद इसकी कीमत क्या होगी।”
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब ने 2024-25 में 2,070 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश ने 1,500 करोड़ रुपये लिए हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
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