नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सात लाख से अधिक निष्क्रिय खातों में फंसे 30.52 करोड़ रुपये जल्द ही संबंधित खाताधारकों या उनके कानूनी वारिसों को लौटाए जाएंगे। यह जानकारी सोमवार को एक आधिकारिक सूत्र ने दी।
सूत्र ने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की हाल में हुई एक समीक्षा बैठक में 7.11 लाख निष्क्रिय खातों के निपटान का निर्णय लिया गया। इनमें से हरेक खाते में 1,000 रुपये या उससे भी कम राशि शेष है।
ईपीएफओ का वह खाता निष्क्रिय माना जाता है, जिसमें 36 महीने से अधिक समय तक कर्मचारी या नियोक्ता की ओर से कोई अंशदान जमा नहीं हुआ हो।
सूत्र ने कहा कि कुल 31.86 लाख निष्क्रिय ईपीएफ खातों में 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें से 1,000 रुपये तक के बैलेंस वाले सात लाख खातों में 30.52 करोड़ रुपये की राशि है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर लौटाया जाएगा।
सूत्र के मुताबिक, आधार से जुड़े खातों में यह पीएफ राशि सीधे संबंधित बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। खाताधारक की मृत्यु हो जाने की स्थिति में भुगतान नामित व्यक्ति या वैध उत्तराधिकारी को किया जाएगा।
मंत्रालय के स्तर पर ईपीएफ के सभी निष्क्रिय खातों के चरणबद्ध निपटान की प्रक्रिया जारी है।
इस बीच, ईपीएफओ ‘ईपीएफओ 3.0’ डिजिटल पहल पर भी काम कर रहा है, जिसके तहत ‘कोर बैंकिंग प्रणाली’ आधारित सुविधाएं लागू की जा रही हैं। इसका उद्देश्य दावों के निपटान की समयसीमा को 20 दिन से घटाकर तीन दिन से भी कम करना और सदस्य सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराना है।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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