(Pan Card Rule changes/ Image Credit: Screengrab)
नई दिल्ली: Pan Card Rule changes: आज के समय में पैन कार्ड भी आधार कार्ड की तरह एक बेहद जरूरी दस्तावेज बन गया है। बैंकिंग, निवेश और बड़े वित्तीय लेनदेन के लिए इसका इस्तेमाल अनिवार्य है। सरकार अब इसके नियमों में बदलाव करने जा रही है। जिसका असर आम लोगों के रोजमर्रा के पैसों से जुड़े कामों पर पड़ेगा।
1 मई से नए नियम लागू होने के बाद कई बड़े वित्तीय लेनदेन में पैन कार्ड जरूरी हो जाएगा। अगर कोई व्यक्ति साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा या निकासी करता है तो उसे पैन डिटेल देना होगा। इससे बड़े नकद लेनदेन पर निगरानी बढ़ जाएगी।
नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति होटल, रेस्टोरेंट या किसी फंक्शन में 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करता है तो पैन देना जरूरी होगा। इसके अलावा 5 लाख रुपये से ज्यादा की गाड़ी खरीदने और 20 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने पर भी पैन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद बड़े खर्चों पर पारदर्शिता लाना है।
इन बदलावों के जरिए सरकार बड़े वित्तीय लेनदेन पर नजर रखना चाहती है। इससे टैक्स चोरी पर रोक लगाने और आर्थिक लेनदेन को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। हर बड़ी ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड में लाया जाएगा ताकि सिस्टम में गड़बड़ी कम हो सके।
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 1 जनवरी 2026 से आधार और पैन कार्ड को लिंक करना जरूरी है। अगर यह काम समय पर नहीं किया गया तो आगे चलकर कई वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लिंकिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सकती है। लेकिन इसके लिए एक तय शुल्क भी देना होगा।
आधार और पैन को लिंक करने के लिए इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाना होता है। वहां रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन करना पड़ता है। इसके बाद ‘Link Aadhaar‘ विकल्प चुनकर आधार नंबर दर्ज करना होता है। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद लिंकिंग सफल हो जाती है और इसका मैसेज भी मिल जाता है।