Petrol Diesel Price Today 30 May 2026: आ गए अच्छे दिन...22 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, आज से ही लागू हो गए नए रेट, यहां के पीएमओ ने कहा- जो वादा किया था वो निभाया / Image: AI Generated
बिजनेस: Petrol Diesel Price Today 30 May 2026: अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है, जिसके चलते दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल और प्राकृतिक गैस का संकट आ खड़ा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि रोजाना ईंधन के दाम में बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत में भी यही स्थिति है, यहां भी पिछले 20 दिनों में पेट्रोल-डीजल 8 रुपए तक महंगे हो गए हैं। लेकिन इस बीच पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने आम जनता को राहत देने वाला फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल के रेट में ताबड़तोड़ कटौती की है। तो चलिए जानते हैं कि पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल के रेट में कितनी कटौती की है।
Petrol Diesel Price Today 30 May 2026: मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में 22 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। कल रात हुए घोषणा के बाद ईंधन के नए रेट आज से ही लागू कर दिए गए हैं। बता दें कि पिछले पखवाड़े में भी पेट्रोल-डीजल के रेट में क्रमश: 6-7 की कमी देखने को मिली थी। बताया जा रहा है कि सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बाद ये फैसला लिया है।
कीमतों में कमी आने के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल 403.78 रुपए से घटकर 381 रुपए प्रति लीटर हो गई है। जबकि डीजल 402.78 रुपए से 380 रुपए प्रति लीटर में मिल रहा है। ईंधन के रेट में भारी कटौती आम जनता के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। ऐसे में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक बयान में की गई, जिसमें कहा गया कि PM शहबाज़ ने वादा किया था कि “जैसे ही लोगों को राहत देने की गुंजाइश बनेगी, उन्हें यह राहत दी जाएगी।” PMO के बयान में PM शहबाज़ के हवाले से कहा गया है कि “लोगों को राहत देना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
बयान में आगे कहा गया, “वह वादा पूरा कर दिया गया है।” “पेट्रोल की कीमत में 22 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत में भी 22 रुपए प्रति लीटर की कटौती करने का फ़ैसला किया गया है।” इस बीच, तेल और गैस नियामक प्राधिकरण ने एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि मिट्टी के तेल की कीमत 313.44 रुपए से घटाकर 272 रुपए की जा रही है।
बता दें कि पेट्रोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से निजी परिवहन, छोटे वाहनों, रिक्शा और दोपहिया वाहनों में होता है, और इसका मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के बजट पर सीधा असर पड़ता है। हाई-स्पीड डीज़ल का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारी परिवहन क्षेत्र और बड़े जनरेटरों में किया जाता है।