तिरुवनंतपुरम, 28 जून (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने रविवार को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार से कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थ पर प्रस्तावित कर में छूट पुनर्विचार करने की मांग की और आरोप लगाया कि इस पहल का मकसद निजी शराब विक्रेताओं को फायदा पहुंचाना था।
विजयन ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर पोस्ट में विधानसभा में हाल ही में शराब कर राहत से जुड़े बजट प्रस्ताव पर हुई चर्चा का उल्लेख किया और कहा कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कहा था कि इस प्रस्ताव को यूडीएफ के भीतर चर्चा के बाद ही लागू किया जाएगा।
वामपंथी नेता ने आरोप लगाया कि विधानसभा में पेश किए गए वित्त विधेयक में पहले से ही ऐसे संशोधन शामिल थे, जिनमें 10 प्रतिशत तक के अल्कोहल मात्रा वाले पेय पदार्थों पर 120 प्रतिशत बिक्री कर और 10 से 20 प्रतिशत अल्कोहल मात्रा वाले पेय पदार्थों पर 175 प्रतिशत बिक्री कर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
विजयन ने दावा किया कि यह पहली बार था जब राज्य में कम मात्रा में अल्कोहल वाली भारत निर्मित विदेशी शराब के लिए कर में छूट का प्रस्ताव दिया गया था।
उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक में मौजूद प्रावधान सरकार के उस दावे के उलट है जिसमें उसने कहा था कि उसने ऐसा कोई फ़ायदा देने की कोशिश नहीं की थी।
भाषा यासिर योगेश
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