जयपुर, 12 मई (भाषा) राजस्थान की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने वित्त वर्ष 2025-26 में सख्त वित्तीय प्रबंधन और राजस्व वसूली में सुधार के जरिये अपने कर्ज का बोझ 1,352 करोड़ रुपये कम किया है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
राज्य की तीनों डिस्कॉम का संयुक्त कर्ज 2024-25 में 97,970 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में घटकर 96,618 करोड़ रुपये रह गया। यह कदम ऊर्जा विभाग द्वारा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देशन में उठाए गए उपायों का परिणाम है।
अजमेर विद्युत वितरण निगम ने इस अवधि में 935 करोड़ रुपये का कर्ज घटाया, जबकि जयपुर विद्युत वितरण निगम ने अपनी देनदारियां 644 करोड़ रुपये कम कीं। हालांकि, जोधपुर विद्युत वितरण निगम का कर्ज 36,792 करोड़ रुपये से बढ़कर 37,019 करोड़ रुपये हो गया।
अधिकारियों ने सुधार का श्रेय वित्तीय नियमों के सख्त पालन, खर्चों पर नियंत्रण, बकाया वसूली और ऋणों पर ब्याज दरों में कमी को दिया।
राज्य सरकार ने डिस्कॉम के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम से 8.75 प्रतिशत से शुरू होने वाली रियायती ब्याज दरों पर ऋण भी हासिल किए। ब्याज दरों में 0.90 प्रतिशत से 1.40 प्रतिशत तक की कमी ने महंगे ऋणों का बोझ घटाने में मदद की।
सरकार ने दावा किया कि तीनों डिस्कॉम ने 2025-26 में पहली बार 100 प्रतिशत से अधिक राजस्व वसूली हासिल की। जयपुर डिस्कॉम ने 102 प्रतिशत, अजमेर डिस्कॉम ने 100.23 प्रतिशत और जोधपुर डिस्कॉम ने 100.96 प्रतिशत राजस्व संग्रह दर्ज किया।
जयपुर डिस्कॉम ने वित्त वर्ष के दौरान अपने सभी सर्किलों में खराब बिजली मीटर बदलने का दावा भी किया, जिससे औसत बिलिंग में उल्लेखनीय कमी आई और करीब 1.9 करोड़ रुपये की बचत हुई।
भाषा बाकोलिया जोहेब अजय
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