लखनऊ, 12 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को बड़ा झटका देते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उच्च पेंशन लाभ देने का रास्ता साफ कर दिया है।
अदालत ने उन आदेशों को रद्द कर दिया है जिनमें कर्मचारियों के संयुक्त विकल्प फॉर्म को खारिज किया गया था। अदालत ने कहा कि ट्रस्ट नियमों के तहत तय वेतन सीमा कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों पर हावी नहीं हो सकती।
न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह ने सुनील कुमार मेहरोत्रा नामक व्यक्ति समेत कई व्यक्तियों की याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए यह आदेश पारित किया। इस मामले में फैसला 10 फरवरी को सुरक्षित रखा गया था, जो आठ मई को सुनाया गया।
अदालत ने कहा कि जिन मामलों में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों ने वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन फंड में योगदान दिया है, उनमें कर्मचारियों को उसी आधार पर उच्च पेंशन पाने का अधिकार होगा।
न्यायालय ने यह भी माना कि ईपीएफओ केवल एचएएल ट्रस्ट नियमों में निर्धारित 6,500 रुपये की वेतन सीमा का हवाला देकर उच्च पेंशन देने से इनकार नहीं कर सकता।
भाषा सं आनन्द जोहेब
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