आरबीआई ने रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन सूचना के लिए मानदंड का मसौदा जारी किया

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आरबीआई ने रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन सूचना के लिए मानदंड का मसौदा जारी किया

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 09:45 PM IST

मुंबई, 16 फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन से संबंधित सूचना के लिए सोमवार को मानदंड का मसौदा जारी किए। इनके तहत बैंकों को वैश्विक स्तर पर संबंधित पक्षों द्वारा किए गए रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव (वायदा, विकल्प) लेनदेन की सूचना देनी होगी।

इस कदम का उद्देश्य बाजार प्रतिभागियों को बेहतर मूल्य निर्धारण निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि वह ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) विदेशी मुद्रा, ब्याज दर और क्रेडिट डेरिवेटिव के बाजारों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई उपाय कर रहा है।

इन उपायों के तहत, ओटीसी डेरिवेटिव में सभी लेनदेन की रिपोर्ट भारतीय समाशोधन निगम लि. (सीसीआईएल) के ट्रेड रिपॉजिटरी (टीआर) को दी जाती है।

हालांकि, अपारदर्शिता का एक पहलू अभी भी मौजूद है क्योंकि बड़ी संख्या में विदेशी रुपये के डेरिवेटिव लेनदेन की रिपोर्ट नहीं की जाती है और इसलिए, वे बाजार प्रतिभागियों के लिए उपलब्ध नहीं होते हैं। इस कमी को आंशिक रूप से तब दूर किया गया जब अक्टूबर, 2022 में स्वतंत्र प्राथमिक डीलरों को अपने संबंधित पक्षों द्वारा विश्व स्तर पर किए गए सभी रुपये के डेरिवेटिव लेनदेन की रिपोर्ट करना अनिवार्य कर दिया गया।

इसके अलावा, दिसंबर, 2025 में भारत में बैंकों को अपने संबंधित पक्षों द्वारा वैश्विक स्तर पर किए गए सभी रुपये के ब्याज दर डेरिवेटिव लेनदेन की रिपोर्ट करना अनिवार्य कर दिया गया।

आरबीआई ने कहा, ‘‘रुपये के डेरिवेटिव बाजारों में पारदर्शिता बढ़ाने की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, अब यह प्रस्ताव है कि सभी अधिकृत डीलर श्रेणी-एक बैंक अपने संबंधित पक्षों द्वारा वैश्विक स्तर पर किए गए रुपये से संबंधित विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन की रिपोर्ट करेंगे।’’

आरबीआई के अनुसार, इससे पारदर्शिता आएगी और बाजार प्रतिभागियों को बेहतर मूल्य निर्धारण निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मसौदे के अनुसार, अधिकृत डीलर श्रेणी-एक बैंक, लेनदेन से संबंधित सभी प्रासंगिक तत्वों की सूचना देंगे, जो लेनदेन के बारे में सार्थक जानकारी प्रदान करने के लिए आवश्यक हैं।

केंद्रीय बैंक ने बाजार प्रतिभागियों और अन्य संबंधित पक्षों से नौ मार्च तक मसौदा निर्देशों पर सुझाव मांगे हैं।

भाषा रमण अजय

अजय