सरसों की रिकॉर्ड आवक से इसके तेल तिलहन कीमतों में गिरावट
सरसों की रिकॉर्ड आवक से इसके तेल तिलहन कीमतों में गिरावट
नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) होली की लंबी छुट्टियों से पहले थोक मंडियों में रिकॉर्ड आवक होने के कारण शनिवार को सरसों तेल तिलहन कीमतें गिरावट के साथ बंद हुई।
दूसरी ओर खाद्यतेलों की आपूर्ति कम रहने के बीच सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन के दाम मजबूत रहे। मूंगफली तेल तिलहन और बिनौलातेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।
बाजार सूत्रों ने कहा, ”होली की लंबी छुट्टी से पहले विशेषकर छोटे किसान अपनी ऊपज बाजार में ला रहे हैं और आज इसकी आवक कल के सवा चार लाख बोरी से बढ़कर लगभग 4.50 लाख बोरी हो गयी। आवक बढ़ने के साथ साथ सरसों का दाम तोड़ने के लिए कुछ निहित स्वार्थी तत्व यह चर्चा भी फैलाने में लगे हैं कि अगले महीने सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ने वाला है।”
उन्होंने कहा कि सरसों की नयी फसल आने से पहले जानबुझकर ऐसी अफवाह फैलाने का मकसद सरसों किसानों और देश की तेल तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के मकसद को चोट पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि सरसों पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 10-12 प्रतिशत नीचे बिक रही है।
सूत्रों ने कहा कि एक बात तो स्पष्ट है कि जब तक पाम पामोलीन का आयात नहीं बढ़ेगा, तब तक आपूर्ति श्रृंखला दुरुस्त नहीं होगी और ऐसा तभी हो सकता है जब सूरजमुखी और सोयाबीन तेल से पाम एवं पामोलीन तेल सस्ता हों, जो फिलहाल नहीं है।
देश में सबसे अधिक खपत पाम एवं पामोलीन की होती है और इसके आयात की कमी होने से सॉफ्ट आयल पर दवाब बढ़ जाता है, जिसका देश में सीमित उत्पादन ही होता है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द एमएसपी पर सरसों किसानों से उनकी ऊपज की खरीद शुरु कर देनी चाहिये।
सूत्रों ने कहा कि देश के एक प्रमुख तेल संगठन ने देश से सोयाबीन सहित बाकी तिलहन के डीओसी के निर्यात के आंकड़े दिये और बताया कि सोयाबीन डीओसी का निर्यात बढ़ा है। हालांकि, निर्यात बढ़ने के बाद भी दाम अच्छे नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खाद्यतेलों की आपूर्ति लाईन खाली होने के कारण सोयाबीन तेल तिलहन, पाम एवं पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती आई।
सूत्रों ने कहा कि ऊंचे दाम पर मांग कमजोर रहने के बीच मूंगफली तेल तिलहन के पूर्वस्तर पर रहने के अलावा बिनौला तेल कीमतें भी पूर्ववत बंद हुई।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 5,425-5,465 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 6,125-6,400 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,250-2,525 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,350 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,750-1,850 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,750 -1,855 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 9,225 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,650 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 9,750 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 4,645-4,665 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,445-4,485 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,075 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
पाण्डेय

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