अमेरिकी सेब, अखरोट पर अतिरिक्त शुल्क हटाने से घरेलू उत्पादकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा : सरकार

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अमेरिकी सेब, अखरोट पर अतिरिक्त शुल्क हटाने से घरेलू उत्पादकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा : सरकार

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  • Publish Date - September 12, 2023 / 08:40 PM IST,
    Updated On - September 12, 2023 / 08:40 PM IST

नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेब, अखरोट और बादाम के आयात पर अतिरिक्त जवाबी शुल्क हटाने से घरेलू उत्पादकों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव पीयूष कुमार ने कहा कि अमेरिकी सेब और अखरोट पर 50 प्रतिशत और 100 प्रतिशत का ‘सबसे तरजीही देश’ (एमएफएन) का शुल्क लागू रहेगा क्योंकि केवल 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क हटाया गया है।

उन्होंने कहा कि सेब, अखरोट और बादाम पर एमएफएन शुल्क में कोई कटौती नहीं की गई है, जो अब भी अमेरिकी मूल के उत्पादों सहित सभी आयातित उत्पादों पर लागू है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस उपाय से घरेलू सेब, अखरोट और बादाम उत्पादकों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। बल्कि, इसके परिणामस्वरूप सेब, अखरोट और बादाम के प्रीमियम बाजार खंड में प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे हमारे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।’’

अमेरिकी सेब और अखरोट के आयात पर अतिरिक्त जवाबी शुल्क लगाने से अन्य देशों को लाभ होने के कारण अमेरिकी सेब की बाजार हिस्सेदारी घट गई।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त शुल्क हटाने से अब उन देशों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी जो भारत को इन उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं। यह स्पष्टीकरण विपक्षी कांग्रेस द्वारा सेब पर आयात शुल्क कम करने के सरकार के फैसले की आलोचना के बीच आया है।

कांग्रेस ने कहा कि केंद्र ने वॉशिंगटन सेब पर आयात शुल्क कम कर दिया है, जिसका सीधा असर बागवानों पर भी पड़ेगा, जिससे उन्हें नुकसान होगा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को केंद्र से अमेरिका से आयातित सेब, अखरोट और बादाम पर अतिरिक्त शुल्क हटाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को विदेशियों को खुश करने के बजाय अपने लोगों को खुश करने की कोशिश करनी चाहिए।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय