मुंबई, 24 अप्रैल (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और आईटी कंपनियों के शेयर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी, वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार व्यवधान ने कारोबारियों के बीच निराशा को और बढ़ा दिया।
बीएसई सेंसेक्स 999.79 अंक या 1.29 प्रतिशत टूटकर 76,664.21 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,260.13 अंक या 1.62 प्रतिशत फिसलकर 76,403.87 अंक तक चला गया था।
एनएसई निफ्टी 275.10 अंक या 1.14 प्रतिशत लुढ़ककर 23,897.95 अंक पर बंद हुआ।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘ भारतीय शेयर बाजारों ने लगातार तीसरे सत्र में गिरावट दर्ज रही। जोखिम से बचने की भावना ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आईटी क्षेत्र में लगातार कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाना जारी रखा।’’
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इन्फोसिस का शेयर सबसे अधिक 7.09 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे।
ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 107.3 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए जबकि जापान का निक्की तथा हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार दोपहर तक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर होते रुपये के दबाव में भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली का दौर जारी रहा। निराशाजनक तिमाही नतीजों के बाद आईटी शेयरों में गिरावट आई जबकि बिकवाली का दबाव सभी क्षेत्रों में व्यापक रहा।”
भाषा पाण्डेय निहारिका
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