मुंबई, 19 जनवरी (भाषा) अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 14 पैसे टूटकर 90.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 91 के स्तर को पार कर गया था। वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच विदेशी मुद्रा निकासी में तेजी से घरेलू मुद्रा दबाव में रही।
एक महीने में यह दूसरा मौका है जब रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91 के स्तर के पार गया है।
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिकी मुद्रा की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली दबाव से भारतीय मुद्रा दबाव में रही।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने की उनकी योजना का विरोध करने पर यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा की है। इसके बाद निवेशक भी चिंतित हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.68 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 91.01 के स्तर से नीचे चला गया था। अंत में यह डॉलर के मुकाबले 90.92 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 14 पैसे कम है।
रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.78 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी और कमजोर घरेलू बाजारों से रुपये में लगातार चौथे सत्र में गिरावट आई।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति तथा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से रुपये में गिरावट का रुख रहने का अनुमान है।
चौधरी ने कहा, ‘‘ डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 90.60 रुपये से 91.30 रुपये के बीच रहेगा।’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.97 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर सेंसेक्स 324.17 अंक यानी 0.39 प्रतिशत टूटकर 83,246.18 अंक पर जबकि निफ्टी 108.85 अंक यानी 0.42 प्रतिशत फिसलकर 25,585.50 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.53 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,346.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका रमण
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