(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) केंद्रीय इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विभिन्न कार्यबलों के साथ बैठक की और हरित इस्पात उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा उद्योग में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए वित्त पोषण विकल्पों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।
इस्पाल मंत्रालय के बयान के अनुसार संबद्ध पक्षों, उद्योग विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में इस्पात उत्पादन में स्थिरता तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने का लक्ष्य हासिल करने के तरीकों पर चर्चा की गई।
बैठक में इस्पात सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा, पांच कार्यबलों के अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
मंत्री ने कहा, ‘‘ हमारे 13 कार्यबल में से पांच के साथ सार्थक चर्चा हुई। नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास, प्रोत्साहन और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के संभावित उपायों सहित बहु-आयामी दृष्टिकोण के माध्यम से अपरिहार्य चुनौतियों से निपटने के व्यापक तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी।’’
मंत्रालय के अनुसार, भारतीय बैंक संघ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील मेहता के नेतृत्व में वित्त संबंधित कार्यबल ने भारतीय इस्पात उद्योग के कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए वित्तपोषण विकल्पों के बारे में बताया।
अनिरुद्ध कुमार नीत नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े कार्यबल ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और निजी उपयोग के लिए हरित ऊर्जा सुविधाएं स्थापित करने को लेकर उद्योगों को आकर्षित करने के उपायों का प्रस्ताव रखा।
कौशल विकास कार्यबल ने उचित बदलाव सुनिश्चित करने के लिए इस्पात उद्योग के लिए जनशक्ति के कौशल की पहचान करने पर जोर दिया।
सेल के स्वतंत्र निदेशक अशोक कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में ऊर्जा दक्षता कार्यबल ने इस्पात के लिए ऊर्जा दक्षता समाधान को बढ़ावा देने की सिफारिश की।
इस्पात मंत्रालय ने इस्पात क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और हरित इस्पात उत्पादन को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा, विचार-विमर्श और सिफारिश करने के लिए 13 कार्यबल का गठन किया है। इन कार्यबलों में उद्योग, शिक्षा जगत, शोध संस्थान, विभिन्न मंत्रालयों और अन्य संबद्ध पक्ष शामिल हैं।
भाषा निहारिका रमण
रमण