मुंबई, तीन अगस्त (भाषा) स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के बीच कच्चे तेल के दाम में नरमी से बीएसई सेंसेक्स 544 अंक चढ़ गया जबकि एनएसई निफ्टी 391 अंक के लाभ में रहा।
कारोबारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह से भी बाजार को समर्थन मिला।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक यानी 0.70 प्रतिशत चढ़कर 78,639.03 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 800.46 अंक यानी एक प्रतिशत चढ़कर 78,895.10 अंक तक पहुंच गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी 390.70 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,774.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस, इटर्नल, आईटीसी और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से बढ़त में रहीं।
दूसरी तरफ, सन फार्मा, भारती एयरटेल, मारुति और टाटा स्टील के शेयर नुकसान में रहे।
छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.87 प्रतिशत और मिडकैप 0.73 प्रतिशत चढ़ा।
क्षेत्रवार सूचकांकों में आईटी 2.53 प्रतिशत, फोकस्ड आईटी 2.49 प्रतिशत, सेवा 1.97 प्रतिशत, औद्योगिक 1.23 प्रतिशत, जिंस 1.20 प्रतिशत, धातु 1.14 प्रतिशत, एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियां) 1.13 प्रतिशत, बीमा 1.01 प्रतिशत और पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के) बैंक एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं, हॉस्पिटल, तेल एवं गैस और स्वास्थ्य क्षेत्र के सूचकांक नुकसान में रहे।
बीएसई में सूचीबद्ध कुल शेयरों में से 2,837 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,552 शेयरों में गिरावट रही। वहीं 206 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
पिछले चार कारोबारी सत्रों में बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,873.11 अंक यानी 2.44 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी 788.95 अंक यानी 3.28 प्रतिशत चढ़ा।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तथा शोध विश्लेषक हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘चौतरफा लिवाली से भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।’’
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.62 प्रतिशत टूटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 277.48 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की लिवाली की।
लगातार चार महीने की बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार बने। उन्होंने आकर्षक मूल्यांकन, कंपनियों के बेहतर वित्तीय नतीजों और वैश्विक परिस्थितियों में नरमी के बीच 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से बाजार को राहत मिली है। इससे मुद्रास्फीति और कंपनियों की आय को लेकर चिंताएं कम हुई हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एफआईआई निवेश में सुधार और रुपये की मजबूती से भी बाजार धारणा को समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल का ऊंचा स्तर उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के लिए अब भी एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए। हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहा।
यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स शुक्रवार को 166.49 अंक चढ़कर 78,094.64 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 66.45 अंक बढ़कर 24,383.60 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
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