नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को कहा कि त्योहारी मौसम की मांग को पूरा करने के लिए प्याज की पर्याप्त उपलब्धता है और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक से इसकी बिक्री शुरू कर दी गई है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने एक बयान में कहा कि खाने-पीने की चीजों की ऊंची कीमतों के बारे में भ्रामक दावे और अफवाहें फैलाई जा रही हैं ताकि ग्राहकों में घबराहट पैदा की जा सके।
बुधवार को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 46.74 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जो एक महीने पहले के स्तर से 35 प्रतिशत और सालाना आधार पर 63 प्रतिशत अधिक है।
सरकार ने कहा है कि वह प्याज की उपलब्धता और कीमतों पर बारीकी से नजर रख रही है और ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर और कदम उठाएगी।
विभाग ने कहा, ‘‘आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता संतोषजनक है…।’’
वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 307.67 लाख टन था।
विभाग ने कहा, ‘‘अच्छे उत्पादन, बफर स्टॉक की उपलब्धता और बाजार में सक्रिय हस्तक्षेप से आने वाले महीनों में पर्याप्त आपूर्ति और मौसमी कीमतों के दबाव को नियंत्रित रखने की उम्मीद है।’’
विभाग ने कहा कि ग्राहकों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए, वह राज्यों में प्याज की कीमतों, आवक और उपलब्धता पर बारीकी से नजर रख रहा है। पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतों में अनावश्यक वृद्धि को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने बफर स्टॉक के लिए लगभग 1.21 लाख टन प्याज खरीदा है। वर्ष 2026-27 के दौरान प्याज बफर स्टॉक के लिए भंडारण एजेंसी के तौर पर पहली बार केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को लगाया गया है।
विभाग ने कहा, ‘‘दिल्ली में एनसीसीएफ और नाफेड की मोबाइल वैन और खुदरा बिक्री केंद्र के साथ-साथ सफल और केंद्रीय भंडार के बिक्री केंद्र के ज़रिये 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज़ की खुदरा बिक्री शुरू की गई है।’’
यह बिक्री एनसीसीएफ के 90 बिक्री केंद्र और 40 मोबाइल वैन, नाफेड के 13 बिक्री केंद्र और 50 मोबाइल वैन, और लगभग 100 केंद्रीय भंडार बिक्री केंद्र के ज़रिये की जा रही है।
‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल, बफ़र स्टॉक वाले प्याज़ को उत्पादन वाले इलाकों से खपत वाले केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एक असरदार लॉजिस्टिक उपाय साबित हुई है।
नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के ज़रिये प्याज़ की खेप का परिवहन शुरू हो गया है और इसके दिल्ली एनसीआर पहुंचने की उम्मीद है।
प्याज़ की आपूर्ति चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे अन्य बड़े खपत केंद्रों में भी की जा रही है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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