सतत विकास ही राज्य का लक्ष्य: सोरेन

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सतत विकास ही राज्य का लक्ष्य: सोरेन

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 03:40 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 03:40 PM IST

(तस्वीर के साथ)

दावोस, 21 जनवरी (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य हरित ऊर्जा उपायों, कौशल विकास और संतुलित परिवेश के विकास में निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम कर रहा है।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में पहली बार शामिल हुए सोरेन ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा कि पारंपरिक खनन क्षेत्र से इतर भी राज्य में कई निवेश अवसर मौजूद हैं लेकिन औद्योगिक विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने दावोस प्रतिनिधिमंडल में झारखंड को शामिल किए जाने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह नए विचार सीखने और झारखंड को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक बेहतरीन अवसर है।

केंद्र में अलग दल की सरकार होने के कारण राज्य में निवेश एवं औद्योगिक विकास प्रभावित होने के वाल पर सोरेन ने कहा, “ यदि हम ऐसा सोचेंगे तो यह राज्य और देश दोनों के लिए नुकसानदेह होगा।”

उन्होंने कहा, “ एक जिम्मेदार राज्य सरकार के रूप में हम राज्य या देश को नुकसान पहुंचाने की सोच नहीं सकते। हम यहां अपने राज्य को मजबूत करने के लिए हैं और जब सभी राज्य मजबूत होंगे, तो देश भी निश्चित रूप से मजबूत होगा।’’

सोरेन ने कहा कि सभी राज्यों के विकास के तरीके अलग-अलग होते हैं और झारखंड का गठन केवल 25 वर्ष पहले ही हुआ है।

उन्होंने कहा, “ हमारे पास 2050 तक का एक मजबूत खाका है, जब राज्य के 50 वर्ष पूरे होंगे। एक आदिवासी राज्य और आदिवासी नेतृत्व के लिए इस तरह के वैश्विक मंच पर मौजूद रहना एक बड़ा अवसर है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड पारंपरिक रूप से खनन क्षेत्र पर केंद्रित रहा है लेकिन उनकी सरकार समानांतर वृद्धि के अवसर तलाशने और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना संतुलित परिवेश वाला विकास सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

भाषा निहारिका रमण

रमण