मुंबई, छह जनवरी (भाषा) रुपये की विनिमय दर में पिछले चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर मंगलवार को विराम लगा और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे चढ़कर 90.18 पर बंद हुआ। विदेशी बैंकों की डॉलर आपूर्ति तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश फिर से बढ़ने के बीच रुपया मजबूत हुआ है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में कमजोर रुख और अमेरिका तथा वेनेजुएला के बीच भू-राजनीतिक तनाव ने घरेलू मुद्रा में तेज बढ़त पर अंकुश लगाया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.22 पर खुला और 90.08 से 90.25 के दायरे में कारोबार करने के बाद 90.18 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे अधिक है।
रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे टूटकर 90.30 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (जिंस) अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका और वेनेजुएला के बीच भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजारों में उपजे जोखिम से बचने के रुख के कारण रुपये में गिरावट जारी रहने का अनुमान है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी से रुपये पर और दबाव पड़ सकता है।’’
चौधरी ने कहा, ‘‘हालांकि, कमजोर डॉलर के साथ अमेरिकी आर्थिक आंकडें नरम रहने के बीच केंद्रीय बैंक के किसी भी हस्तक्षेप से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिल सकता है।’’
इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को बताने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत मजबूत होकर 98.44 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.73 प्रतिशत चढ़कर 62.21 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयर पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 376.28 अंक टूटकर 85,063.34 अंक पर जबकि निफ्टी 71.60 अंक की गिरावट के साथ 26,178.70 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने मंगलवार को शुद्ध रूप से 107.63 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। भाषा राजेश राजेश रमण
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