No hike in Electricity Tariffs || Image- IBC24 News File
No hike in Electricity Tariffs: लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के अगुवाई वाली सरकार ने इस बार भी बिजली के दाम नहीं बढ़ाए। UPERC ने वित्त वर्ष 2025-26 का Electricity Tariff Order जारी किया और साफ कर दिया कि लगातार छठे साल बिजली टैरिफ में कोई बदलाव नहीं होगा। इस तरह आम लोगों, किसानों और छोटे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है क्योंकि इस बार भी टैरिफ वही रहेगा जो पिछले साल था।
योगी सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डाला जाएगा। UPPCL के पास अभी भी करीब 18,500 करोड़ रुपये का Regulatory Surplus है, इसलिए टैरिफ बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं पड़ी। आयोग ने अगले पांच साल के लिए डिस्ट्रीब्यूशन लॉस घटाने का लक्ष्य भी सेट किया है। फिलहाल यह लॉस 13.78% है, जिसे 2029-30 तक लगभग 10.74% तक लाना है।
No hike in Electricity Tariffs: इस बार ग्रीन एनर्जी की तरफ एक और कदम बढ़ाते हुए Green Energy Tariff को भी सस्ता कर दिया गया है। HV कैटेगरी के लिए इसे 0.36 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 0.34 रुपये किया गया है और LV कंज्यूमर के लिए 0.17 रुपये प्रति यूनिट रखा गया है। इसका फायदा उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जो क्लीन एनर्जी या Renewable Energy अपनाना चाहते हैं। UPERC ने UPPCL को निर्देश दिया है कि जहां भी kVAH Billing होती है, वहां बिल में पावर फैक्टर साफ-साफ दिखाया जाए ताकि उपभोक्ताओं को बिलिंग में पूरी पारदर्शिता मिले। इसके अलावा सिक्योरिटी डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज में कटने वाले TDS Certificate को भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार ने इस बार भी ग्रामीण और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी को जारी रखा है। यानी लाइफलाइन कंज्यूमर, ग्रामीण मीटर्ड घरेलू उपभोक्ता और प्राइवेट ट्यूबवेल वालों को पहले जैसे ही बिल मिलेंगे। यह फैसला खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और छोटे किसानों के लिए राहत लेकर आया है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पांच डिस्कॉम में से सिर्फ मध्यांचल और पश्चिमांचल डिस्कॉम ही 2024-25 का डिस्ट्रीब्यूशन लॉस टारगेट पूरा कर पाए। सबसे खराब प्रदर्शन पूर्वांचल डिस्कॉम का रहा। UPERC ने सभी डिस्कॉम्स को अब परफॉर्मेंस सुधारने की सख्त सलाह दी है।
No hike in Electricity Tariffs: इस बीच पब्लिक हियरिंग में मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स और टाउनशिप में रहने वाले लोगों ने बिलिंग में पारदर्शिता की कमी और ओवरचार्जिंग जैसे मुद्दे उठाए। UPERC ने कहा है कि वह जल्द ही इन समस्याओं पर एक अलग Consultation Paper जारी करेगा, जिसमें इन मुद्दों का समाधान ढूंढा जाएगा।
यूपी में बिजली रही सस्ती की सस्ती…
उत्तर प्रदेश में लगातार छठवें वर्ष भी नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें।
उत्तर प्रदेश देश का एक मात्र राज्य है जहां जनता के हित में पिछले छह वर्षों से बिजली की दरों में एक भी पैसा नहीं बढ़ाया गया है।
स्थिर बिजली दरों से प्रदेशवासियों को वर्ष 2025–26… pic.twitter.com/pkmmsVZMUU
— A K Sharma (@aksharmaBharat) November 23, 2025