कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए आवेदन-पूर्व बैठक में विभिन्न हितधारक शामिल

कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए आवेदन-पूर्व बैठक में विभिन्न हितधारक शामिल

कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए आवेदन-पूर्व बैठक में विभिन्न हितधारक शामिल
Modified Date: July 20, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: July 20, 2026 8:01 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) सरकार ने सतही कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की अपनी योजना के तहत सोमवार को आवेदन-पूर्व बैठक आयोजित की। इस बैठक में सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और संभावित आवेदकों की भागीदारी देखने को मिली।

यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब महत्वपूर्ण रासायनिक कच्चे माल के आयात खर्च में वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ता जोर और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के साथ हालिया वैश्विक आपूर्ति-शृंखला व्यवधानों ने घरेलू विकल्पों की जरूरत को रेखांकित किया है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में योजना के दिशानिर्देशों और प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) से जुड़े पात्रता मानदंड, मूल्यांकन प्रक्रिया, वित्तीय प्रोत्साहन और आवेदन प्रक्रिया जैसे विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का भी समाधान किया गया।

यह बैठक कोयला मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव संजय कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

मई में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत इस योजना का उद्देश्य सतही कोयला और लिग्नाइट से गैस बनाने की परियोजनाओं के विकास को गति देना है। इसके तहत सिंथेटिक प्राकृतिक गैस, अमोनिया, मेथनॉल, डीआरआई, कृत्रिम ईंधन और अन्य रसायनों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

कोयला गैसीकरण प्रक्रिया के जरिये कोयले को सिंथेसिस गैस (सिनगैस) में बदला जाता है, जिसका उपयोग इस्पात उद्योग में एक स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जाता है। इससे आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम होती है और महंगे कोकिंग कोल के उपयोग में भी कमी आती है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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