हम अमरावती को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर बनाएंगे, सभी का सहयोग जरूरी है: नायडू

हम अमरावती को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर बनाएंगे, सभी का सहयोग जरूरी है: नायडू

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 01:48 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 01:48 PM IST

(बरुण झा)

दावोस, 20 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि वह अमरावती को दुनिया का सबसे बेहतरीन एवं खूबसूरत शहर बनाएंगे और इस प्रयास में सभी का सहयोग जरूरी है।

अपनी सरकार और उद्योग निकाय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित सत्र में उन्होंने कहा कि हर देश बढ़ती उम्र की समस्या का सामना कर रहा है लेकिन भारत जनसंख्या वृद्धि के लाभ उठा रहा है और यह अगले 25-30 वर्ष तक जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि भारत का एक और बड़ा लाभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूप में मजबूत नेतृत्व है।

नायडू ने कहा, ‘‘ भारत में अंतर्निहित ताकतें हैं। पहले यह एक सोई हुई महाशक्ति हुआ करता था और इसकी क्षमता पर विश्वास करना किसी के लिए भी मुश्किल था। हालांकि अब हमें भारत की वृद्धि क्षमता के बारे में किसी को बताने की भी जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम सभी एक प्रेरणादायक दौर में हैं। भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और आंध्र प्रदेश तो उससे भी अधिक तेजी से विकास कर रहा है… पहले हम व्यापार करने में आसानी की बात करते थे और अब हम व्यापार करने की गति की बात कर रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हम यहां सभी को आंध्र प्रदेश की वृद्धि में भागीदार बनाना चाहते हैं।”

नायडू ने कहा कि 90 के दशक में दावोस की उनकी यात्रा ने ही उन्हें यह सोचने के लिए प्रेरित किया था कि दुनिया कैसे आगे बढ़ रही है और आंध्र प्रदेश को कैसे आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब दुनिया प्रतिभा के लिए भारत पर निर्भर रहने वाली है।

नायडू ने कहा, ‘‘ मैंने हैदराबाद को रहने योग्य सर्वश्रेष्ठ शहर बनाया, अब मैं अमरावती को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर बनाना चाहता हूं और इसके लिए मैं साझेदारों को आमंत्रित करता हूं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में प्रचुर मात्रा में सूर्य की रोशनी, हवा और भंडारण स्थान का ऐसा अनूठा संयोजन है जो इसे हरित ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने में सक्षम बनाता है।

उन्होंने आंध्र प्रदेश और भारत में व्यापार के लिए उपलब्ध विभिन्न क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए यह बात कही।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा